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Latehar : छत्तीसगढ़ से झारखंड की ओर आ रही एक बस में हंसी, बातचीत और मेहमानी की बातें गूंज रही थीं। किसी को नहीं पता था कि लातेहार जिले की ओरसा घाटी में पहुंचते ही यह सफर मातम में बदल जाएगा। महुआडांड़ थाना क्षेत्र की इसी घाटी में बस का संतुलन बिगड़ा और पल भर में वह सड़क से नीचे पलट गई।
एक पल में बदल गई खुशियों की तस्वीर
हादसा इतना अचानक था कि यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। बस के पलटते ही पूरा घाटी चीख-चित्कार से दहल उठा। जख्मी लोग एक-दूसरे को आवाज देते रहे। किसी ने अपनों को पुकारा, तो किसी की सांसें मलबे के नीचे थम गईं। इस हादसे में पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गयी। इस हादसे में जान गंवाने वालों में रेशांति देवी (35), प्रेमा देवी (37), सीता देवी (45), सुखना भुइया (40) और सोनामति देवी (55) शामिल हैं।
दर्द से कराहते लोग, मदद को दौड़े ग्रामीण
दुर्घटना की आवाज सुनते ही आसपास के गांवों के लोग दौड़ पड़े। किसी ने बिना देर किए बस के शीशे तोड़े, तो किसी ने खून से लथपथ घायलों को कंधों का सहारा दिया। मोबाइल नेटवर्क कमजोर था, फिर भी किसी तरह प्रशासन को सूचना दी गई। कई ग्रामीण अपने निजी वाहनों से घायलों को अस्पताल पहुंचाने में जुट गए। उस वक्त न कोई जाति थी, न पहचान, बस इंसानियत थी।
25 से अधिक लोग अस्पताल में भर्ती
सूचना मिलते ही एसडीएम विपिन कुमार दुबे ने पूरे प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट किया। महुआडांड़, गारू और नेतरहाट से एंबुलेंस और मेडिकल टीम मौके पर पहुंची। घायल यात्रियों को घाटी से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। महुआडांड़ अस्पताल में अफरातफरी का माहौल था। डॉक्टर लगातार घायलों का इलाज कर रहे हैं। करीब 25 से अधिक लोग अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें कई की हालत गंभीर बनी हुई है।
इंतजार, आंसू और दुआएं
अस्पताल के बाहर अपनों का इंतजार करते परिजनों की आंखें बार-बार दरवाजे की ओर उठ जाती हैं। कोई अपने पिता का नाम पुकार रहा है, तो कोई मां की सलामती की दुआ कर रहा है। हर गुजरता मिनट भारी लग रहा है। किसी को मौत की खबर न मिले, यही कामना हर चेहरे पर साफ दिख रही है। फिलहाल प्रशासन की नजर इलाज पर है। डॉक्टरों की रिपोर्ट के बाद ही मौतों और घायलों की सही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
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