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Khunti : खूंटी के जमुवादाग गांव के पास स्थित तालाब, जो आमतौर पर ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा था, 7 जनवरी की शाम अचानक खून से लाल हो गया। पड़हा राजा सोमा मुंडा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह सिर्फ एक हत्या नहीं थी, बल्कि सालों से सुलग रहे जमीन विवाद का खौफनाक अंजाम था। घटना के बाद पूरे इलाके में सन्नाटा और दहशत फैल गई। गांव वालों के लिए यह यकीन करना मुश्किल था कि जिस सोमा मुंडा को वे समाज का मजबूत स्तंभ मानते थे, उसकी हत्या इतनी बेरहमी से कर दी जाएगी।
जमीन, जो बन गई जानलेवा विवाद
पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या की जड़ में करीब 3.6 एकड़ जमीन थी। यह लफड़ा कोई नया नहीं था। लंबे समय से इस जमीन को लेकर खींचतान चल रही थी। सोमा मुंडा इस मामले में न सिर्फ एक पक्ष थे, बल्कि ऐसे व्यक्ति बन चुके थे, जो समझौते की राह में सबसे बड़ी रुकावट माने जा रहे थे। यही वजह थी कि उन्हें रास्ते से हटाने की साजिश रची गई।
शहर से गांव तक फैली साजिश
इस हत्या की पटकथा यानी स्क्रिप्ट रांची के किशोरगंज में तैयार हुई। एसपी मनीष टोप्पों के मुताबिक देवव्रत नाथ शाहदेव ने पूरी प्लानिंग बनाई। देवव्रत का नाम पहले भी अनिल टाइगर हत्याकांड में सामने आ चुका है। संयोग नहीं, बल्कि एक खतरनाक पैटर्न है कि दोनों हत्याओं की वजह जमीन का ही विवाद था। देवव्रत ने खूंटी के स्थानीय लोगों से संपर्क साधा। बाहा मुंडा, देवा पाहन, अनिश मुंडा, रविया पाहन, रमेश्वर संगा उर्फ रमेश और पंकज कुमार शर्मा उर्फ पंडित इस साजिश का हिस्सा बने।
तालाब किनारे घात लगाकर हमला
7 जनवरी को सोमा मुंडा जैसे ही जमुवादाग गांव के तालाब के पास पहुंचे, पहले से घात लगाए अपराधियों ने उन पर गोली चला दी। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। हमलावर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। अगले दिन खूंटी थाना में कांड संख्या 03/2026 दर्ज की गई। पुलिस के सामने चुनौती साफ थी, हत्यारे कौन हैं और क्यों मारा गया।
तकनीकी सबूतों से खुला राज
खूंटी पुलिस ने इस मामले में टेक्निकल सेल और स्थानीय सूचना तंत्र को सक्रिय किया। मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और गांव के अंदरूनी इनपुट ने धीरे-धीरे पूरी कहानी सामने ला दी। पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में अपना गुनाह कबूल कर लिया। उन्होंने बताया कि सोमा मुंडा को जमीन विवाद में सबसे बड़ा कांटा माना जा रहा था। इसलिए तय किया गया कि उसे हमेशा के लिए हटा दिया जाए।
सात गिरफ्तार, कुछ अब भी फरार
एसपी मनीष टोप्पो ने खुलासा करते हुए बताया कि इस हत्याकांड में सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनमें देवव्रत नाथ शाहदेव, बाहा मुंडा, देवा पाहन, अनिश मुंडा, रविया पाहन, रमेश्वर संगा उर्फ रमेश और पंकज कुमार शर्मा उर्फ पंडित शामिल हैं। हालांकि कुछ अन्य आरोपी अभी फरार हैं। उनकी पहचान कर ली गई है और लगातार छापेमारी की जा रही है।
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