अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Patna : बिहार में एनडीए की ऐतिहासिक जीत के बाद केंद्रीय मंत्री और LJP (RV) प्रमुख चिराग पासवान ने कहा कि पार्टी ने हर जिले में मजबूत संगठन खड़ा किया है। इसी मेहनत का परिणाम है कि 2025 में एनडीए को इतनी बड़ी जीत मिली। उन्होंने कहा कि राजनीति में बढ़त तभी कायम रहती है जब नेतृत्व में अहंकार न आए। इसी सोच के साथ उन्होंने अलग-अलग जिलों में जाकर लोगों से लगातार संपर्क बनाए रखा।
मंत्रालय के सवाल पर बोले चिराग…
जब चिराग से पूछा गया कि क्या पार्टी को तीसरा विभाग भी मिलेगा, तो उन्होंने हल्के अंदाज में कहा कि चिराग पासवान और कितना लालची होगा। उन्होंने याद दिलाया कि 2021 में जब पार्टी टूटी थी, तब वे अकेले सांसद थे। इसके बावजूद इस बार पार्टी को 5 सीटें और 29 विधानसभा सीटें मिलीं। साथ ही दो मंत्रियों ने शपथ भी ले ली। उन्होंने कहा कि इससे ज्यादा कुछ मांगूंगा तो मुझसे ज्यादा ना शुक्राना कोई नहीं होगा।
Live: प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए.. लोजपा(रा) कार्यालय, 1- व्हीलर रोड, पटना https://t.co/JOlMOEqzCl
— युवा बिहारी चिराग पासवान (@iChiragPaswan) November 21, 2025
दलित सेना फिर से खड़ी होगी
चिराग ने दलित सेना के पुनर्गठन की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह उनके पिता रामविलास पासवान का सपना था, जिसे अब फिर से शुरू किया जाएगा। उनका आरोप था कि कुछ लोगों की महत्वाकांक्षा के कारण दलित सेना और पार्टी दोनों उनसे छीन लिए गए थे। अब अरुण भारती और उनकी टीम दलित सेना (रामविलास) का गठन करेंगे।
जातीय भेदभाव पर चिंता
चिराग ने कहा कि 21वीं सदी में भी जाति के आधार पर भेदभाव होना बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि कई बार दलितों को घोड़ी पर चढ़ने से रोका जाता है। दलित अधिकारी को बारात निकालने के लिए पुलिस की व्यवस्था करनी पड़ती है। दलित नेता के मंदिर जाने पर मंदिर को धोया जाता है। उन्होंने खुशी जताई कि दलित सेना के प्रदेश अध्यक्ष अब बिहार सरकार में मंत्री बने हैं। संगठन का उद्देश्य सामाजिक न्याय और समानता को मजबूत करना होगा।
परिवारवाद पर चिराग का जवाब
परिवारवाद के आरोपों पर चिराग ने कहा कि परिवार मौका देता है, लेकिन आगे बढ़ाने का काम काबिलियत करती है। उन्होंने कहा कि राजद का दूसरा नेतृत्व अभी तक अपनी क्षमता साबित नहीं कर पाया। 2005 तक पार्टी जीतती रही, लेकिन उसके बाद हार का सिलसिला जारी है। उन्होंने कहा कि उनके दोनों मंत्री संजय नाम के आधार पर नहीं, बल्कि काम की क्षमता के आधार पर चुने गए हैं।
चाचा पशुपति पारस की बधाई पर प्रतिक्रिया
पशुपति पारस की बधाई पर चिराग ने कहा कि उनकी शुभकामनाएं उन्होंने सम्मान के साथ स्वीकार की हैं। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने नाराजगी में बातें कहीं थीं, तब भी उन्होंने उन्हें आदर दिया था। चिराग ने बताया कि पार्टी बंगाल और यूपी सहित कई राज्यों में गठबंधन के तहत चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है।
2030 की राजनीति पर चिराग की राय
उन्होंने कहा कि पार्टी की 2030 में क्या भूमिका होगी, इसका फैसला वक्त आने पर लिया जाएगा। वे जातिगत जनगणना का समर्थन करते हैं, लेकिन आंकड़े सार्वजनिक करने के पक्ष में नहीं हैं।
इसे भी पढ़ें : दो रोज बाद बढ़ जाएगा सर्दी का सितम, छाया रहेगा धुंध

