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Lucknow : उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कालीदास मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास पर कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक में उच्च शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, परिवहन और आधारभूत ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। सरकार ने रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना को मंजूरी देते हुए प्रदेश की मेधावी छात्राओं को बड़ा तोहफा दिया है। योजना के तहत शैक्षणिक सत्र 2025-26 में स्नातक की परीक्षा पास करने वाली छात्राओं में हर कॉलेज और विश्वविद्यालय की टॉप 5 प्रतिशत छात्राओं को मुफ्त स्कूटी दी जाएगी। इस योजना का लाभ प्रदेश के राजकीय, निजी, स्ववित्तपोषित और संबद्ध महाविद्यालयों की पात्र छात्राओं को मिलेगा।
परिवार की सालाना आय 12 लाख से कम होना जरूरी
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के मुताबिक, रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना का लाभ उन्हीं छात्राओं को मिलेगा, जिनके परिवार की सालाना आय 12 लाख रुपये से कम है। सरकार का लक्ष्य छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें पढ़ाई के साथ आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मदद करना है। स्कूटी के साथ सरकार छात्राओं को पंजीकरण शुल्क, वाहन बीमा, आईएसआई प्रमाणित हेलमेट और जरूरी एक्सेसरीज़ भी उपलब्ध कराएगी। इसके अलावा पांच लीटर पेट्रोल भी दिया जाएगा। स्कूटियों की खरीद सरकारी ई-मार्केटप्लेस यानी GeM पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। इससे खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने की कोशिश की जाएगी।
दिव्यांग, शहीद और निराश्रित परिवारों की छात्राओं को प्राथमिकता
योजना में दिव्यांगजन, शहीद परिवार और निराश्रित परिवारों की छात्राओं को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। इन वर्गों की छात्राओं के लिए सामान्य मेरिट का मानक लागू नहीं होगा। स्नातक की परीक्षा पास करने वाली पात्र छात्राओं को प्राथमिकता के आधार पर योजना का लाभ दिया जाएगा। सरकार के मुताबिक, इस योजना से बड़ी संख्या में छात्राओं को फायदा होगा। इसके लिए करीब 400 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
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— Government of UP (@UPGovt) July 21, 2026
भारतीय ज्ञान परंपरा पर शोध के लिए बनेगी शोधपीठ
कैबिनेट ने उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी है। प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण और उस पर शोध को बढ़ावा देने के लिए भारतीय ज्ञान परंपरा संवर्धन शोधपीठ स्थापित की जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे भारतीय ज्ञान, संस्कृति और परंपराओं से जुड़े विषयों पर शोध को बढ़ावा मिलेगा। विश्वविद्यालयों में शोध करने वाले विद्यार्थियों और शिक्षकों को भी इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।
वाराणसी में बनेगा आधुनिक महिला छात्रावास
वाराणसी में महिला छात्राओं और कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास सुविधाओं को मजबूत करने का भी फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास योजना के तहत वाराणसी में आधुनिक महिला छात्रावास के निर्माण के लिए मुफ्त जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही वसंत महिला महाविद्यालय, राजघाट फोर्ट में नए छात्रावास भवन के निर्माण का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया है। सरकार का कहना है कि बेहतर छात्रावास सुविधाएं मिलने से दूर-दराज के इलाकों से आने वाली छात्राओं को उच्च शिक्षा जारी रखने में आसानी होगी।
117 किलोमीटर का विंध्य पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे मंजूर
कैबिनेट बैठक में प्रदेश के सड़क और एक्सप्रेसवे नेटवर्क को मजबूत करने से जुड़े कई प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। प्रयागराज से सोनभद्र तक प्रस्तावित करीब 330 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे और विंध्य पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। करीब 117 किलोमीटर लंबे विंध्य पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इसके बनने से विंध्य क्षेत्र और पूर्वांचल के बीच सड़क संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है। इसके अलावा आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दी गई है। एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के निर्माण के लिए विकासकर्ताओं के चयन से जुड़े संशोधित टेंडर दस्तावेजों को भी मंजूरी दी गई।
रोडवेज के बेड़े में शामिल होंगी नई इलेक्ट्रिक बसें
प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के बेड़े में नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल की जाएंगी। इसके लिए 400 करोड़ रुपये खर्च करने की नीति को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। सरकार का कहना है कि नई बसों के शामिल होने से यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी और प्रदेश के प्रमुख शहरों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
विधानसभा का सत्र 3 से 6 अगस्त तक
कैबिनेट बैठक में विधानसभा के आगामी सत्र की तारीखों पर भी फैसला लिया गया। उत्तर प्रदेश विधानसभा का सत्र 3 अगस्त से 6 अगस्त तक आयोजित किया जाएगा। बैठक में महिला कल्याण, गृह, उच्च शिक्षा, राज्यकर, परिवहन, स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन और सहकारिता विभाग से जुड़े कई अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
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