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Hazaribagh : हजारीबाग जिले की दनुआ घाटी का नाम सुनते ही लोगों के मन में डर बैठ जाता है। चौपारण थाना क्षेत्र की यह घाटी स्थानीय लोगों के बीच सिर्फ एक रास्ता नहीं, बल्कि एक ऐसा खतरनाक मोड़ है जहां हर दिन मौत का खतरा बना रहता है। इसी वजह से लोग इसे ‘मौत की घाटी’ भी कहते हैं। शनिवार को इसी दनुआ घाटी ने फिर एक ऐसा दर्दनाक मंजर दिखाया, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। यहां जोड़राही पुल के पास हुए भीषण सड़क हादसे में कार (संख्या JH 10CU 3472) में सवार पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
धनबाद से निकली थी कार, बिहार जाना था
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कार धनबाद से बिहार की ओर जा रही थी। कार में कुल पांच लोग सवार थे। सभी अपने सफर में थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि दनुआ घाटी का यह मोड़ उनकी जिंदगी का आखिरी मोड़ बन जाएगा। जैसे ही कार जोड़राही पुल के पास पहुंची, सामने चल रहे एक टेलर के पीछे जा घुसी। टक्कर के बाद स्थिति संभलती उससे पहले ही पीछे से आ रहे एक ट्रक ने कार में जोरदार टक्कर मार दी।
एक पल में सब कुछ खत्म, कार बनी लोहे का ढेर
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी तेज थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह दब गया। कार बीच सड़क पर बुरी तरह पिचक गई। लोग कुछ समझ पाते उससे पहले ही वहां अफरा-तफरी मच गई। टक्कर के बाद कार के शीशे टूट चुके थे, दरवाजे चिपक गए थे और अंदर बैठे लोग पूरी तरह फंस चुके थे। कुछ लोगों ने पास जाकर मदद करने की कोशिश की, लेकिन कार की हालत ऐसी थी कि कोई अंदर तक पहुंच ही नहीं पा रहा था।
चीख-चीत्कार के बीच थम गईं पांच सांसें
हादसे के बाद घाटी में चीख-चीत्कार गूंजने लगी। आसपास से गुजर रहे लोग गाड़ियों से उतरकर मौके पर पहुंचे। कई लोगों ने कार में फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन दबे हुए दरवाजे और बुरी तरह पिचकी गाड़ी के कारण कोई रास्ता नहीं निकल पा रहा था। कुछ ही देर में कार के अंदर से आवाजें बंद हो गईं। मौके पर मौजूद लोगों को समझते देर नहीं लगी कि अंदर फंसे लोग शायद अब जीवित नहीं बचे। थोड़ी देर बाद यह साफ हो गया कि कार में सवार मासूम समेत पांच लोगों की मौत हो चुकी है।
टेलर और ट्रक चालक मौके से भाग निकले
स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसे के बाद टेलर और ट्रक चालक गाड़ी रोकने के बजाय मौके से निकल गए। दोनों वाहन घाटी के रास्ते आगे बढ़ते हुए फरार हो गए। लोगों का कहना है कि अगर चालक रुकते और तुरंत मदद करते, तो शायद हालात कुछ अलग हो सकते थे।
पुलिस और NHAI की टीम मौके पर पहुंची
घटना की सूचना मिलते ही चौपारण थाना पुलिस और एनएचएआई की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी और शव अंदर फंसे थे। पुलिस और स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद शवों को बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की। हालांकि गाड़ी की हालत इतनी खराब थी कि शवों को बाहर निकालने में काफी देर लगी।
घाटी में लगा लंबा जाम, लोग सहमे रहे
हादसे के बाद कुछ समय के लिए सड़क पर यातायात बाधित हो गया। घाटी में भारी वाहनों की लंबी लाइन लग गई। गाड़ियों के हॉर्न, लोगों की भीड़ और पुलिस की भागदौड़ के बीच पूरा इलाका तनाव में नजर आया। कई लोग यह मंजर देखकर सहम गए। घाटी में मौजूद कुछ लोगों ने कहा कि यह इलाका अब आम सफर के लिए नहीं, बल्कि डर का रास्ता बन चुका है।
मृतकों की पहचान की कोशिश, पोस्टमार्टम की तैयारी
पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। कार किसके नाम पर रजिस्टर्ड है और उसमें सवार लोग कहां के रहने वाले थे, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
दनुआ घाटी का डर फिर सच साबित हुआ
दनुआ घाटी में आए दिन हादसे होते हैं। यहां रास्ता घुमावदार है, जगह-जगह ढलान है और भारी वाहनों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। कई बार वाहन चालक जल्दबाजी में ओवरटेक करने लगते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को यहां लगातार निगरानी रखनी चाहिए और भारी वाहनों की गति पर नियंत्रण जरूरी है।
फरार वाहनों की तलाश में जुटी पुलिस
चौपारण थाना पुलिस ने कहा है कि फरार टेलर और ट्रक की पहचान की जा रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और जरूरी सुराग जुटाए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि दोषी वाहन चालकों पर कार्रवाई की जाएगी।
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