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Pakur (Jaydev Kumar) : रात गहरा चुकी थी। इकड़ी नाला के पास पुल निर्माण का काम लगभग थम चुका था। मजदूर अपने-अपने ठिकानों की ओर लौट रहे थे। तभी अचानक दो नकाबपोश युवक निर्माण स्थल पर पहुंचे। आते ही दोनों ने खुद को नक्सली संगठन का सदस्य बताया और वहां मौजूद कर्मचारियों को धमकाना शुरू कर दिया। कुछ ही मिनटों में पूरे साइट पर डर का माहौल बन गया। बदमाशों ने कंपनी से 50 लाख रुपये की लेवी मांगी और चेतावनी देकर वहां से निकल गए। लेकिन जिस खौफ के सहारे दोनों इलाके में दहशत फैलाना चाहते थे, वही उनके गले की फांस बन गया। पुलिस ने तकनीकी जांच, स्थानीय सूचना और लगातार छापेमारी के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म भी कबूल कर लिया है।
पुल निर्माण साइट पर अचानक मचा हड़कंप
मामला पाकुड़ जिले के अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र का है। यहां बीजीआर कोल माइन्स कंपनी बरदाहा गांव के पास इकड़ी नाला में पुल निर्माण का काम करा रही है। 14 मई की रात साइट पर कामकाज खत्म होने की तैयारी चल रही थी। तभी दो युवक चेहरे पर नकाब बांधकर वहां पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोनों काफी आक्रामक अंदाज में बात कर रहे थे। आते ही उन्होंने कहा कि वे नक्सली संगठन से जुड़े हैं और इलाके में काम करना है तो “लेवी” देनी होगी। बदमाशों ने 50 लाख रुपये की मांग रख दी। कर्मचारियों ने जब सवाल करने की कोशिश की तो दोनों ने धमकी भरे लहजे में कहा कि पैसे नहीं दिए गए तो काम बंद करा दिया जाएगा। कुछ कर्मचारियों ने बताया कि उस वक्त माहौल इतना डरावना हो गया था कि किसी की हिम्मत नहीं हुई विरोध करने की।
घटना के बाद कंपनी में बढ़ गई दहशत
घटना के बाद निर्माण स्थल पर काम कर रहे कर्मचारियों में दहशत फैल गई। देर रात ही कंपनी प्रबंधन तक पूरी जानकारी पहुंचाई गई। अगले दिन अमड़ापाड़ा थाना में मामला दर्ज कराया गया। पुलिस ने कांड दर्ज कर जांच शुरू कर दी। एसपी अनुदीप से8नग्न को शुरुआत से ही शक था कि कहीं नक्सलियों के नाम का इस्तेमाल कर स्थानीय स्तर पर वसूली का खेल तो नहीं खेला जा रहा। इसी शक के आधार पर जांच को कई स्तर पर आगे बढ़ाया गया।
पुलिस ने बिछाया जाल, फिर खुल गया पूरा राज
पाकुड़ एसपी अनुदीप सिंह ने महेशपुर एसडीपीओ विजय कुमार के नेतृत्व में विशेष छापेमारी टीम बनाई। पुलिस ने सबसे पहले निर्माण स्थल और आसपास के इलाकों से जानकारी जुटाई। तकनीकी जांच के साथ-साथ स्थानीय मुखबिरों को भी सक्रिय किया गया। जांच के दौरान पुलिस को दो स्थानीय युवकों पर शक हुआ। इसके बाद लगातार छापेमारी शुरू हुई। आखिरकार अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र के बड़दाहा निवासी चांद हांसदा उर्फ चुटरोय और पचुवाड़ा निवासी चानुस सोरेन को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में टूट गए दोनों आरोपी
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने दोनों से सख्ती से पूछताछ की तो पूरा मामला साफ हो गया। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने ही नकाब पहनकर कंपनी से लेवी मांगी थी। शुरुआती पूछताछ में यह भी सामने आया कि दोनों ने इलाके में नक्सलियों के डर का फायदा उठाकर मोटी रकम वसूलने की योजना बनाई थी। अब पुलिस यह भी खंगाल रही है कि दोनों पहले किसी और घटना में शामिल रहे हैं या नहीं। उनके आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
नक्सलियों के नाम पर डर का कारोबार
एसपी अनुदीप सिंह का कहना है कि पिछले कुछ समय में कई इलाकों में नक्सलियों के नाम का इस्तेमाल कर रंगदारी मांगने की घटनाएं सामने आई हैं। अपराधी जानते हैं कि नक्सल प्रभावित इलाकों में लोग डर जल्दी जाते हैं। इसी डर का फायदा उठाकर वे कंपनियों और ठेकेदारों को निशाना बनाते हैं। हालांकि इस मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई से आरोपियों की योजना ज्यादा दिन तक नहीं चल सकी।
कार्रवाई करने वाली टीम में ये अधिकारी रहे शामिल
पूरे ऑपरेशन में अमड़ापाड़ा थानेदार अनूप रोशन भेंगरा, एसआई चंदन कुमार सिंह, पप्पू कुमार, एएसआई अमित कुमार राय समेत कई पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस टीम ने लगातार कई घंटों तक इलाके में छापेमारी कर दोनों आरोपियों को दबोचा।
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