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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : रामगढ़ समाहरणालय के सभाकक्ष में रविवार को गांवों से आईं सैकड़ों महिलाओं की मुस्कान, आत्मविश्वास और संघर्ष की कहानियां गूंज रही थीं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी के जिला स्तरीय कार्यक्रम में सखी मंडल और स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को सम्मानित किया गया। यह सम्मान सिर्फ शॉल और प्रशस्ति पत्र का नहीं था, बल्कि उन मेहनत भरे सफर का था जिसे तय कर इन महिलाओं ने अपने जीवन और अपने गांवों को बदलने की कोशिश की है।
गांव से निकलकर मंच तक पहुंची महिलाओं की कहानी
कार्यक्रम में जब मांडू प्रखंड के रतवे संकुल संगठन की अध्यक्ष कुंती देवी मंच पर आईं तो उनके शब्दों में आत्मविश्वास साफ दिख रहा था। उन्होंने बताया कि कुछ साल पहले तक गांव की महिलाएं घर की चारदीवारी तक सीमित थीं। आर्थिक फैसले तो दूर, अपनी राय रखने में भी झिझक होती थी। लेकिन जब वे स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं तो धीरे धीरे हालात बदले। बचत की आदत बनी, छोटे छोटे व्यवसाय शुरू हुए और सबसे बड़ा बदलाव यह हुआ कि महिलाओं ने खुद पर भरोसा करना सीख लिया।
छोटे कदमों से बड़ी पहचान
कार्यक्रम में आई कई महिलाओं ने बताया कि सखी मंडल से जुड़ने के बाद उनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव आया है। पहले जो महिलाएं घर के खर्च के लिए दूसरों पर निर्भर रहती थीं, आज वे खुद कमाकर परिवार की मदद कर रही हैं। किसी ने बकरी पालन शुरू किया, किसी ने सब्जी की खेती और किसी ने छोटे स्तर पर दुकान। इन छोटे छोटे प्रयासों ने न सिर्फ उनकी आर्थिक स्थिति सुधारी, बल्कि समाज में उनकी पहचान भी बनाई।
सरकारी योजनाओं से मिल रही नई ताकत
कार्यक्रम के दौरान जिला समाज कल्याण पदाधिकारी इंदु प्रभा ने महिलाओं को सरकार की कई योजनाओं के बारे में बताया। मिशन शक्ति, नारी अदालत और वन स्टॉप सेंटर जैसी योजनाएं महिलाओं को सुरक्षा और सहायता देने के लिए चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि आज जरूरत इस बात की है कि महिलाएं इन योजनाओं के बारे में जानें और जरूरत पड़ने पर उनका लाभ उठाएं।
पंचायत से लेकर समाज तक बढ़ रही भागीदारी
जिला पंचायती राज पदाधिकारी निशा सिंह ने कहा कि आज पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है और इसका असर गांवों के विकास में भी दिख रहा है। जब महिलाएं निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल होती हैं तो शिक्षा, स्वास्थ्य और बच्चों के भविष्य से जुड़े फैसले ज्यादा बेहतर होते हैं।
एक दूसरे का सहारा बनी महिलाएं
उप विकास आयुक्त आशीष अग्रवाल ने कहा कि जब महिलाएं मिलकर काम करती हैं तो बदलाव की रफ्तार तेज हो जाती है। सखी मंडल इसी एकजुटता की मिसाल है। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जाए ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और समाज में सम्मान के साथ जीवन जी सकें।
हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही महिलाएं
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि रामगढ़ विधायक ममता देवी ने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। शिक्षा, राजनीति, व्यापार या समाज सेवा, हर जगह उनकी भागीदारी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि जब एक महिला आगे बढ़ती है तो उसके साथ पूरा परिवार और समाज भी आगे बढ़ता है।
सम्मान के साथ मिला आत्मविश्वास
कार्यक्रम के अंत में विभिन्न प्रखंडों से आई संकुल संगठनों, ग्राम संगठनों और जेएसएलपीएस से जुड़े कैडरों को उनके बेहतर काम के लिए प्रशस्ति पत्र और शॉल देकर सम्मानित किया गया। जब सम्मान पाने वाली महिलाएं मंच से नीचे उतरीं तो उनके चेहरे पर गर्व साफ झलक रहा था। कई महिलाएं एक दूसरे से मुस्कराकर कह रही थीं कि अब गांव लौटकर वे और बेहतर काम करेंगी।
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