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News Samvad : सरकार ने देश की टैक्स व्यवस्था को आसान और आधुनिक बनाने के लिए इनकम टैक्स रूल्स 2026 का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। यह नए इनकम टैक्स एक्ट 2025 को लागू करने के लिए तैयार किए गए नियम हैं, जो 1 अप्रैल से प्रभावी होने की तैयारी में हैं।
इन नियमों का मुख्य उद्देश्य आम टैक्सपेयर्स के लिए टैक्स भरने की प्रक्रिया को सरल बनाना, कागजी कार्रवाई कम करना और डिजिटल सिस्टम को मजबूत करना है।
सरकार ने साफ किया है कि जनता से सुझाव लेने के बाद मार्च के पहले सप्ताह में इन नियमों की अंतिम अधिसूचना जारी की जाएगी।
नियमों और फॉर्म की संख्या में बड़ी कटौती
ड्राफ्ट नियमों के अनुसार टैक्स नियमों और फॉर्म्स की संख्या को काफी कम किया जा रहा है।
फिलहाल कुल 511 नियम लागू हैं, जिन्हें घटाकर 333 करने का प्रस्ताव है।
इसी तरह टैक्स फॉर्म्स की संख्या 399 से घटाकर 190 कर दी जाएगी।
इस बदलाव से रिटर्न फाइल करना आसान होगा और लोगों को अलग अलग फॉर्म भरने की परेशानी कम होगी।
सरकार प्री फिल्ड फॉर्म्स पर भी ज्यादा जोर दे रही है, जिससे पहले से उपलब्ध जानकारी अपने आप फॉर्म में भरी होगी।
PAN कार्ड के इस्तेमाल से जुड़ी नई लिमिट
ड्राफ्ट में अलग अलग लेन देन पर PAN कार्ड देने की सीमा में बदलाव किया गया है।
होटल में भुगतान पर नियम
अब अगर होटल का बिल एक लाख रुपये से कम है, तो PAN कार्ड देना जरूरी नहीं होगा।
गाड़ी खरीदने पर नया नियम
दोपहिया या चौपहिया वाहन खरीदते समय अगर गाड़ी की कीमत पांच लाख रुपये से ज्यादा है, तभी PAN देना अनिवार्य होगा।
प्रॉपर्टी खरीद बिक्री पर नियम
अगर किसी अचल संपत्ति की कीमत 20 लाख रुपये से ज्यादा है, तो PAN कोट करना जरूरी होगा।
नकद लेन देन पर PAN की अनिवार्यता
एक साल में अगर किसी व्यक्ति द्वारा 10 लाख रुपये से ज्यादा की नकद जमा या निकासी होती है, तो PAN देना जरूरी होगा।
बीमा से जुड़े मामलों में PAN
बीमा कंपनियों के साथ खाता आधारित संबंध रखने के लिए PAN कार्ड को अनिवार्य कर दिया गया है।
नौकरीपेशा लोगों को HRA में बड़ी राहत
ड्राफ्ट नियमों में सैलरीड कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर दी गई है।
मेट्रो शहरों की सूची का विस्तार
अब HRA की गणना के लिए मेट्रो शहरों की सूची में बेंगलुरु, पुणे, अहमदाबाद और हैदराबाद को भी शामिल किया गया है।
इससे इन शहरों में काम करने और रहने वाले कर्मचारियों को ज्यादा टैक्स छूट मिल सकेगी।
टैक्स फ्री सुविधाओं की सीमा बढ़ी
कंपनी की ओर से दिए जाने वाले आधिकारिक वाहन और मुफ्त भोजन जैसी सुविधाओं पर मिलने वाली टैक्स फ्री सीमा भी बढ़ाने का प्रस्ताव है।
इससे नौकरीपेशा लोगों की इन हैंड सैलरी पर सीधा असर पड़ेगा।
क्रिप्टो और डिजिटल करेंसी को लेकर नए नियम
डिजिटल लेन देन और क्रिप्टो से जुड़ी गतिविधियों पर भी ड्राफ्ट में साफ दिशा निर्देश दिए गए हैं।
क्रिप्टो एक्सचेंजों पर सख्ती
अब सभी क्रिप्टो एक्सचेंजों को टैक्स विभाग के साथ लेन देन से जुड़ी जानकारी साझा करनी होगी।
इससे क्रिप्टो ट्रांजेक्शन पर निगरानी और पारदर्शिता बढ़ेगी।
डिजिटल करेंसी को कानूनी मान्यता
सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी को इलेक्ट्रॉनिक भुगतान के एक स्वीकार्य माध्यम के रूप में मान्यता देने का प्रस्ताव किया गया है।
इससे डिजिटल भुगतान प्रणाली को और मजबूत किया जाएगा।
पुराने नियमों की जगह लेंगे नए नियम
नए इनकम टैक्स रूल्स 2026, साल 1962 से लागू पुराने इनकम टैक्स नियमों की जगह लेंगे।
सरकार का लक्ष्य है कि मार्च की शुरुआत तक अंतिम नियम अधिसूचित कर दिए जाएं, ताकि नया वित्तीय वर्ष शुरू होते ही एक सरल और पारदर्शी टैक्स सिस्टम लागू किया जा सके।
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