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Pakur (Jaydev Kumar) : शुक्रवार की सुबह जिला मुख्यालय के समाहरणालय परिसर में न तो किसी सरकारी घोषणा की गहमागहमी थी, न ही किसी राजनीतिक कार्यक्रम की भीड़। पर जो कुछ हुआ, वह उतना ही महत्वपूर्ण था… लोगों की सुरक्षा से जुड़ा हुआ। पचवारा सेंट्रल कोल माइंस की एमडीओ कंपनी दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड (DBL) ने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए सीएसआर (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) के तहत जिला प्रशासन को 50 रोड ट्रैफिक बैरियर भेंट किए। ये बैरियर अब सड़कों पर सिर्फ ट्रैफिक नहीं रोकेंगे, बल्कि एक संदेश भी देंगे… “सुरक्षा सबकी जिम्मेदारी है।”
एक सादा समारोह, पर बड़ी सोच
समारोह सादा था, लेकिन उसके मायने गहरे थे। जिले के उपायुक्त श्री मनीष कुमार और पुलिस अधीक्षक श्रीमती निधि द्विवेदी को ये बैरियर एबीपी प्रोजेक्ट हेड श्री बृजेश कुमार ने सौंपे। उस वक्त डीबीएल कंपनी के एचआर मैनेजर प्रिंस कुमार, राकेश कुमार चौरसिया, अजय सिंह सिसोदिया, राजेश कुमार कर्ण सहित कई अधिकारी मौजूद थे। कार्यक्रम में किसी ने मंच से बड़े भाषण नहीं दिए। सभी के चेहरे पर एक संतोष था कि आज किया गया यह छोटा-सा योगदान आने वाले समय में किसी की जान बचाने में मददगार साबित हो सकता है।

CSR की असली भावना- समाज के साथ साझेदारी
DBL कंपनी का यह योगदान कोई एकबारगी कदम नहीं है। कंपनी पहले भी व्हीलचेयर, ट्रैफिक बैरियर और अन्य जरूरी उपकरण जिला प्रशासन को समय-समय पर सौंपती रही है। इन कार्यों में सिर्फ कॉरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि “स्थानीय समाज के प्रति संवेदनशीलता” झलकती है। पचवारा क्षेत्र के कई गांवों में कंपनी के प्रयासों से सड़कों की स्थिति बेहतर हुई है, जिससे अब स्कूली बच्चों से लेकर ग्रामीण किसानों तक का सफर आसान हो गया है।
प्रशासन और कंपनी का साझा प्रयास
डीसी मनीष कुमार ने इस मौके पर कहा कि “सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन लगातार काम कर रहा है। डीबीएल जैसी कंपनियां जब इस दिशा में कदम बढ़ाती हैं, तो यह साझेदारी जिले की सुरक्षा व्यवस्था को और सशक्त बनाती है।” वहीं, एसपी निधि द्विवेदी ने भी कहा कि इन बैरियरों का इस्तेमाल न केवल ट्रैफिक कंट्रोल में बल्कि सड़क हादसों को रोकने में भी अहम भूमिका निभाएगा।
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