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Godda : सुबह की हल्की धूप और गांधी मैदान की लाल मिट्टी पर दौड़ने को बेताब सैकड़ों युवा… गोड्डा का नजारा बीते दिन कुछ ऐसा ही था। गांव-देहात की गलियों में छिपकर अपनी बारी का इंतजार कर रही प्रतिभाओं को जब एक बड़ा मंच मिला, तो मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। मौका था गोड्डा जिला स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता का, जहां युवाओं की मेहनत को नई उड़ान देने के लिए जितपुर खनन परियोजना (टेरी माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड और अदाणी फाउंडेशन) ने अपना हाथ आगे बढ़ाया।
मैदान पर उतरा उत्साह, 300 खिलाड़ियों ने दिखाया अपना जलवा
प्रतियोगिता का आगाज होते ही गांधी मैदान का माहौल देखने लायक था। जिले के कोने-कोने से आए करीब 300 खिलाड़ियों की आंखों में एक ही चमक थी—खुद को साबित करने की जिद्द। अलग-अलग उम्र के लड़के-लड़कियों ने दौड़ और एथलेटिक्स की दूसरी स्पर्धाओं में अपनी पूरी ताकत झोंक दी।
जीतने वाले खिलाड़ियों के चेहरे की खुशी और हारकर भी अगली बार बेहतर करने का संकल्प, इस पूरे आयोजन की सबसे खूबसूरत तस्वीर रही। जब टेरी माइनिंग और अदाणी फाउंडेशन की ओर से विजेताओं को चमचमाते मेडल और ट्रॉफी दी गई, तो खिलाड़ियों के चेहरे गर्व से खिल उठे।

खेल सिर्फ जीत-हार नहीं, जिंदगी जीने का सलीका भी हैं
कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों ने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते हुए बहुत पते की बात कही। उन्होंने कहा कि खेल मैदान हमें सिर्फ दौड़ना नहीं सिखाता, बल्कि जिंदगी में अनुशासन, हिम्मत और दूसरों को साथ लेकर चलना सिखाता है।
सुदूर ग्रामीण इलाकों में न जाने कितने ऐसे बच्चे हैं जिनमें गजब का हुनर है, लेकिन सही मौका और साधन न मिलने से वे पीछे छूट जाते हैं। जब ऐसे बड़े संस्थान सहयोग के लिए आगे आते हैं, तो दूर-दराज के प्रतिभावान बच्चों को अपनी काबिलियत दिखाने के लिए एक सही और मजबूत मंच मिल जाता है।
इलाके की तस्वीर बदलने की एक ठोस कोशिश
जितपुर खनन परियोजना सिर्फ खदानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्थानीय लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने का काम कर रही है। सीएसआर पहल के तहत कंपनी आसपास के इलाकों में शिक्षा, स्वास्थ्य, हुनर सिखाने और युवाओं के विकास पर लगातार काम कर रही है। गोड्डा के इन 300 युवाओं के उठे ये कदम अब सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि आने वाले वक्त में नए मुकाम हासिल करेंगे।
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