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Gumla : शाम ढलने वाली थी। गुमला के औरापाट जंगल में चारों तरफ सन्नाटा था। पुलिस की टीम चुपचाप आगे बढ़ रही थी। किसी को भनक न लगे, इसलिए जवान हर कदम बेहद संभलकर रख रहे थे। एसपी हारिस बिन जमां के पास एक पक्की सूचना थी। डुमरी इलाके के औरापाट जंगल में JJMP का 5 लाख रुपए का इनामी सब-जोनल मेंबर रामदेव लोहरा अपने साथियों के साथ मौजूद है। बताया गया था कि वह इलाके में संगठन में फिर से जान फूंकने यानी उसे फिर से खड़ा करने की कोशिश में जुटा है।
17 अगस्त को मिली इस सूचना के बाद एसपी ने देर नहीं की। चैनपुर एसडीपीओ श्रुति की देखरेख में टीम जंगल की ओर निकल पड़ी। इलाके की घेराबंदी की गई। पुलिस धीरे-धीरे उस जगह के करीब पहुंची, जहां रामदेव और उसके साथी मौजूद थे। कुछ देर बाद घेराबंदी पूरी हुई और फिर चारों तरफ से पुलिस ने दबिश दी। रामदेव लोहरा समेत चार लोग पकड़े गए। जिसे पुलिस लंबे समय से तलाश रही थी, वह अब सामने था। तलाशी शुरू हुई तो कहानी और चौंकाने वाली निकलकर सामने आई। एक के बाद एक हथियार और गोलियां बरामद होने लगे।
5 लाख का इनाम, पुराने उग्रवादी संगठनों से भी रहा संबंध
एसपी हारिस बिन जमां के अनुसार गिरफ्तार रामदेव लोहरा लातेहार जिले के बिंगाडा गांव का रहने वाला है। वह JJMP का सब-जोनल मेंबर है और उसके ऊपर झारखंड सरकार ने 5 लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। पुलिस के अनुसार रामदेव का पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है। उसका संबंध पीपुल्स वार संगठन और भाकपा माओवादी से भी बताया गया है। एसपी को सूचना मिली थी कि रामदेव डुमरी इलाके में JJMP को दोबारा एक्टिव करने की कोशिश कर रहा है। संगठन का विस्तार करने के लिए नए लोगों को जोड़ने और नए सिरे से दस्ता तैयार करने की गतिविधियां भी चल रही थीं। पुलिस को यह भी आशंका थी कि संगठन किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी कर रहा है। रामदेव के साथ पकड़े गए अरविंद नायक को पुलिस ने JJMP का एरिया कमांडर बताया है। वह लातेहार जिले के कोने गांव का रहने वाला है। इसके अलावा लोहरदगा जिले के किता मक्का गांव का मुनेष्वर सिंह और गुमला के उजरा गांव का जितेंद्र लोहरा भी गिरफ्तार हुआ है। दोनों को JJMP का सदस्य बताया गया है।
AK-56 से लेकर SLR तक, तलाशी में निकले कई हथियार और गोलियां
चारों की गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने तलाशी ली तो मौके का पूरा मंजर बदल गया। पुलिस के मुताबिक उनके पास से AK-56 राइफल और उसकी दो मैगजीन मिलीं। इसके साथ SLR राइफल और मैगजीन तथा एक सेमी-ऑटोमैटिक राइफल भी बरामद हुई। इतना ही नहीं, एक 7.65 एमएम की पिस्टल और एक देसी कट्टा भी मिला। हथियारों के साथ कारतूसों की संख्या ने पुलिस को और चौंकाया। कुल 146 जिंदा राउंड बरामद किए गए। इनमें AK-56 के 88, SLR के 13 और सेमी-ऑटोमैटिक राइफल के 39 कारतूस शामिल हैं। इसके अलावा 7.65 एमएम पिस्टल के पांच और देसी कट्टा का एक जिंदा राउंड भी बरामद हुआ।
पुलिस ने मौके से एक वॉकी-टॉकी, नौ मोबाइल फोन, दो Wi-Fi डोंगल और एक मोटरसाइकिल भी जब्त की है। प्रतिबंधित JJMP और नक्सली संगठनों से जुड़े पर्चे भी मिले हैं। अब पुलिस इन सामानों के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चारों की गतिविधियां किन लोगों तक जुड़ी थीं और संगठन के लिए उन्हें कौन मदद पहुंचा रहा था।
गिरफ्तारी के बाद अब खुलेंगे संगठन के कई राज
पुलिस के लिए चार लोगों की गिरफ्तारी से ज्यादा अहम रामदेव लोहरा से मिलने वाली जानकारी है। पूछताछ में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि JJMP को दोबारा सक्रिय करने की योजना कितनी आगे बढ़ चुकी थी। संगठन में कौन-कौन लोग जुड़े हैं, किन इलाकों में गतिविधियां चल रही हैं और हथियार कहां से आए, इन सवालों के जवाब भी तलाशे जा रहे हैं। पुलिस का मानना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में JJMP के दूसरे सदस्यों और उनके सहयोगियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। खासकर रामदेव के पुराने संपर्कों को लेकर भी पुलिस की नजर है।
गुमला के डुमरी जंगल में पुलिस का बड़ा ऑपरेशन। 5 लाख के इनामी JJMP सब-जोनल मेंबर रामदेव लोहरा समेत 4 गिरफ्तार। AK-56, SLR और 146 जिंदा गोलियां समेत अन्य हथियार बरामद। SP हारिस बिन जमां क्या बोले…#Gumla #Jharkhand #JJMP #CrimeNews #BreakingNews #JharkhandPolice #NewsSamvad pic.twitter.com/OoAxt1wJTN
— News Samvad (@newssamvaad) August 18, 2026
इस पूरी कार्रवाई में चैनपुर एसडीपीओ श्रुति के साथ डुमरी थानेदार शशि प्रकाश, रायडीह थानेदार संदीप कुमार यादव, घाघरा थाना प्रभारी मोहन कुमार सिंह, सिसई थाना प्रभारी नीरज कुमार, जारी थानेदार सन्नी कुमार, एसआई मनोज कुमार, विकास कुमार, एएसआई लगन महतो और गुमला नक्सल क्यूआरटी की टीम की भूमिका सराहनीय रही।
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