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Pakur (Jaydev Kumar) : डीसी मेघा भारद्वाज ने समाहरणालय में शुक्रवार को आयोजित जन समाधान दिवस में जिले के अलग-अलग प्रखंडों और गांवों से पहुंचे लोगों की फरियाद सुनी। डीसी ने हर एक आवेदन को ध्यान से देखा और संबंधित विभागों के अफसरों को दो टूक निर्देश दिया कि मामलों की जांच निष्पक्ष तरीके से कर तय समय में समाधान निकालें। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि जनता के काम में किसी भी तरह की लापरवाही या बेवजह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन का पूरा जोर इस बात पर है कि लोगों को राहत पाने के लिए सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें।
जमीन विवाद से लेकर पेंशन और घरेलू कलह तक के पहुंचे मामले
जन समाधान दिवस में फरियादियों ने अपनी निजी और सार्वजनिक समस्याओं को लेकर कई आवेदन दिए। इनमें जमीन लॉक होने की तकनीकी समस्या, बुजुर्ग माता-पिता के साथ बेटे द्वारा मारपीट किए जाने का पारिवारिक विवाद, आउटसोर्सिंग एजेंसी द्वारा कर्मचारियों के वेतन में की गई कटौती में सुधार और वृद्धावस्था पेंशन शुरू कराने से जुड़े मामले प्रमुख रहे। डीसी ने हर फरियादी की बात पूरी संवेदनशीलता के साथ सुनी और भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन उनके साथ खड़ा है और हर जायज मांग पर फौरन एक्शन लिया जाएगा।
जन समाधान दिवस जनता और प्रशासन के बीच भरोसे की मजबूत कड़ी
डीसी मेघा भारद्वाज ने अधिकारियों से कहा कि जन समाधान दिवस सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि आम जनता और प्रशासन के बीच सीधे संवाद और भरोसे का मंच है। यहां लोग अपनी बात सीधे रख पाते हैं, इसलिए शिकायतों के निपटारे में पूरी पारदर्शिता और तेजी दिखनी चाहिए। उन्होंने सभी महकमों को साफ कहा कि आवेदनों की जांच पूरी गंभीरता से करें ताकि वास्तविक हकदार को सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ बिना किसी अड़चन के समय पर मिल सके। जिला प्रशासन की प्राथमिकता हर जरूरतमंद तक न्याय और सरकारी मदद पहुंचाना है।
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