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Ranchi : झारखंड में JPSC, JSSC और दूसरी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी, पेपर लीक और CBI जांच की मांग को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच शुक्रवार को सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच पहली औपचारिक बैठक हुई। रांची के राजकीय अतिथिशाला में करीब दो घंटे तक चली इस बैठक में छात्रों की मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई। बातचीत का माहौल सकारात्मक रहा, लेकिन सबसे अहम मांग CBI जांच पर कोई अंतिम फैसला नहीं हो सका। यही वजह है कि छात्रों ने साफ कर दिया है कि उनका सत्याग्रह आंदोलन फिलहाल जारी रहेगा।
छात्र बोले, परिवार जैसा माहौल रहा
बैठक के बाद छात्र नेता रविंद्र पासवान ने कहा कि सरकार के साथ यह पहली औपचारिक बातचीत थी और माहौल काफी अच्छा रहा। उनके मुताबिक ऐसा लगा जैसे परिवार के बीच बैठकर बातचीत हो रही हो। उन्होंने कहा कि छात्र प्रतिनिधिमंडल ने सरकार के सामने अपनी सभी मांगें रखीं और उम्मीद है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और सरकार के मंत्री इन मांगों पर गंभीरता से विचार करेंगे। रविंद्र पासवान ने बताया कि यह बातचीत का पहला दौर था। आने वाले दिनों में फिर बैठक होगी, जिसमें मांगों पर विस्तार से चर्चा कर फैसला लेने की कोशिश की जाएगी।
सरकार ने कहा, सभी मांगों पर होगा गंभीर मंथन
बैठक में सरकार की ओर से मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि छात्रों की बात पूरी गंभीरता से सुनी गई है। सरकार उनकी हर मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी। उन्होंने कहा कि बातचीत सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई और सभी मुद्दों पर मंथन किया जाएगा। हालांकि बैठक के बाद सरकार और छात्र नेताओं ने मीडिया के सामने ज्यादा जानकारी साझा नहीं की। दोनों पक्षों ने सिर्फ इतना कहा कि बातचीत सकारात्मक रही और आगे भी संवाद जारी रहेगा।
CBI जांच पर फैसला नहीं, इसलिए आंदोलन जारी
छात्रों का कहना है कि सरकार ने कई मांगों पर सकारात्मक संकेत दिए हैं, लेकिन आंदोलन का सबसे बड़ा मुद्दा CBI जांच है। जब तक इस पर स्पष्ट फैसला नहीं होता, तब तक धरना और सत्याग्रह जारी रहेगा। छात्र नेताओं के मुताबिक अब अगली बैठक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ होगी। उन्हें उम्मीद है कि उसी बैठक में CBI जांच समेत बाकी प्रमुख मांगों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
बैठक में कौन-कौन रहा मौजूद
सरकार के बुलावे पर 10 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल राजकीय अतिथिशाला पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल में आनंद कुमार, अंकित कुमार, रविंद्र कुमार, पतंजलि मंडल, रविंद्र पासवान, पीयूष कुमार, अंकित राज, कार्तिक सोरेन, शालू कुमारी और नीतू कुजूर शामिल रहे।सरकार की ओर से मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडेय सिंह, चमरा लिंडा और संजय प्रसाद यादव बैठक में शामिल हुए। विकास आयुक्त अजय सिंह भी मौजूद रहे। प्रशासन की तरफ से रांची के उपायुक्त और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने भी बैठक में हिस्सा लिया।बैठक में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने, भर्ती व्यवस्था में सुधार और छात्रों की अन्य मांगों पर चर्चा हुई।
दूसरे छात्र गुट को भी मिला बातचीत का न्योता
आंदोलन के दौरान एक दूसरा छात्र गुट भी सक्रिय है, जिसकी अगुवाई देवेंद्र महतो कर रहे हैं। इस गुट का दावा है कि सरकार ने उन्हें भी बातचीत के लिए बुलाया है। देवेंद्र महतो ने बताया कि उन्होंने अपने आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के नाम सरकार को सौंप दिए हैं और जल्द ही उनके साथ भी बैठक हो सकती है।
अब मुख्यमंत्री के फैसले पर टिकी नजर
सरकार और छात्रों के बीच पहली बैठक से बातचीत का रास्ता जरूर खुला है, लेकिन आंदोलन खत्म होने की स्थिति अभी नहीं बनी है। छात्रों ने साफ कहा है कि उनकी प्रमुख मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। छात्रों की मांगों में 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने, कथित परीक्षा अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, CBI जांच और भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार शामिल हैं। छात्र नेताओं ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर रविवार तक उनकी मांगों पर ठोस समाधान नहीं निकला, तो 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा का घेराव किया जाएगा। अब सबकी निगाह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और छात्र प्रतिनिधियों के बीच होने वाली अगली बैठक पर है। माना जा रहा है कि इसी बैठक के बाद यह तय होगा कि आंदोलन खत्म होगा या फिर और तेज होगा।
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