अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Ranchi : PM नरेंद्र मोदी की ओर से पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने, पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने, गैर जरूरी विदेश यात्राओं से बचने और संसाधनों के सीमित इस्तेमाल की अपील के बाद अब राज्यों में भी इसका असर दिखने लगा है। झारखंड समेत कई राज्यों में सरकारें अलग-अलग स्तर पर फैसले ले रही हैं। कहीं सरकारी खर्च कम करने की तैयारी है तो कहीं वाहनों और विदेश दौरों पर रोक लगाने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं।
झारखंड के राज्यपाल ने लिया बड़ा फैसला
झारखंड के राज्यपाल Santosh Kumar Gangwar ने अपने कारकेड में गाड़ियों की संख्या घटाने का फैसला किया है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर ईंधन और संसाधनों के विवेकपूर्ण इस्तेमाल को ध्यान में रखते हुए अब उनके कारकेड में सिर्फ चार गाड़ियां ही रहेंगी।राज्यपाल ने कहा कि यह फैसला ऊर्जा बचत और सरकारी संसाधनों के सही उपयोग की दिशा में उठाया गया कदम है। उन्होंने लोगों से भी जरूरत के मुताबिक संसाधनों का इस्तेमाल करने की अपील की।
असम सरकार ने भी लिए कई अहम निर्णय
उधर Himanta Biswa Sarma की अगुवाई वाली असम सरकार ने भी कई बड़े फैसलों की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले छह महीने तक असम सरकार कोई नई गाड़ी नहीं खरीदेगी। इसके अलावा मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मेडिकल कारणों को छोड़कर विदेश यात्रा पर नहीं जाएंगे।सरकार ने मुख्यमंत्री और राज्यपाल के कारकेड में भी गाड़ियों की संख्या कम करने का फैसला लिया है। साथ ही अगले छह महीने तक विदेशी ब्रांड के सामान की खरीद पर भी रोक लगाने की बात कही गई है।
ऑनलाइन होगी सरकारी कार्यशालाएं
असम सरकार ने सरकारी बैठकों और कार्यशालाओं को लेकर भी नया फैसला लिया है। अगले छह महीने तक ज्यादातर सरकारी कार्यशालाएं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित की जाएंगी। फिजिकल कार्यक्रमों से बचने की कोशिश होगी ताकि खर्च और संसाधनों की बचत हो सके।इसके अलावा सरकारी कामकाज में इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ाने की योजना भी बनाई गई है। सरकार जरूरत पड़ने पर किराये पर इलेक्ट्रिक वाहन लेने की तैयारी कर रही है।
पीएम मोदी ने की थी कई अपीलें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देशवासियों से ईंधन बचाने, घर से काम को बढ़ावा देने, पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल बढ़ाने और किसानों से रासायनिक खाद का उपयोग कम करने की अपील की थी। उन्होंने लोगों से एक साल तक सोना नहीं खरीदने और अनावश्यक विदेश यात्राओं से बचने की भी बात कही थी।अब प्रधानमंत्री की इस अपील के बाद कई राज्य सरकारें प्रशासनिक स्तर पर खर्च और संसाधनों में कटौती की दिशा में कदम उठाती दिखाई दे रही हैं।

