अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Pakur (Jaydev Kumar) : पाकुड़ के अमड़ापाड़ा के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्राओं को अब पढ़ाई के साथ खेल और दूसरी जरूरी सुविधाएं भी बेहतर मिलेंगी। शनिवार को डीसी मेघा भारद्वाज स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचीं। उन्होंने कक्षाओं से लेकर जिम, साइंस लैब, आईसीटी लैब और खेल मैदान तक का जायजा लिया। इस दौरान छात्राओं से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। छात्राओं ने भी खुलकर अपनी परेशानियां बताईं। डीसी ने कई समस्याओं के समाधान के लिए मौके पर ही अधिकारियों को निर्देश दिए।
जिम की सभी मशीनें खराब, नया जिम बनाने का निर्देश
निरीक्षण के दौरान डीसी सबसे पहले स्कूल की जिम में पहुंचीं। यहां वार्डेन ने बताया कि जिम में लगी सभी मशीनें खराब हो चुकी हैं। इस वजह से छात्राएं नियमित रूप से व्यायाम नहीं कर पा रही हैं। समस्या सुनने के बाद डीसी ने स्कूल में नया जिम स्थापित कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि छात्राओं के लिए पढ़ाई जितनी जरूरी है, उतना ही जरूरी उनका स्वस्थ रहना भी है। रोजाना व्यायाम से शरीर स्वस्थ रहता है और पढ़ाई पर भी अच्छा असर पड़ता है। उन्होंने निर्देश दिया कि छात्राओं को नियमित रूप से व्यायाम कराया जाए।

छात्राओं ने कहा- गणित की शिक्षिका नहीं होने से पढ़ाई प्रभावित
इसके बाद डीसी ने अलग-अलग कक्षाओं का निरीक्षण किया और छात्राओं से उनकी पढ़ाई के बारे में जानकारी ली। बातचीत के दौरान छात्राओं ने बताया कि स्कूल में गणित की शिक्षिका नहीं है। इससे गणित की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
छात्राओं की बात सुनकर डीसी ने कहा कि जल्द ही स्कूल में गणित की शिक्षिका की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शिक्षक की कमी के कारण छात्राओं की पढ़ाई को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।
डीसी ने छात्राओं से कहा कि पढ़ाई ही उनके भविष्य की सबसे मजबूत नींव है। उन्होंने छात्राओं को मन लगाकर पढ़ने, अपना लक्ष्य तय करने और उसे हासिल करने के लिए लगातार मेहनत करने की सलाह दी।
शिक्षकों से कहा- बच्चियों के भविष्य की जिम्मेदारी समझें
डीसी ने स्कूल के शिक्षकों से भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि छात्राओं को अच्छी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना शिक्षकों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। बच्चियों को सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रखना है, बल्कि उनके व्यक्तित्व का भी विकास करना है।
उन्होंने शिक्षकों से कहा कि छात्राओं की समस्याओं पर ध्यान दें और उन्हें पढ़ाई के साथ आगे बढ़ने के लिए लगातार प्रेरित करें। हर छात्रा की क्षमता अलग होती है। ऐसे में शिक्षकों को उनकी रुचि और प्रतिभा के अनुसार मार्गदर्शन करना चाहिए।

साइंस और आईसीटी लैब का भी किया निरीक्षण
डीसी ने स्कूल की साइंस लैब और आईसीटी लैब का भी जायजा लिया। उन्होंने वहां उपलब्ध संसाधनों की जानकारी ली और कहा कि छात्राओं को इन सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि विज्ञान की पढ़ाई केवल किताबों से नहीं होनी चाहिए। छात्राओं को प्रयोग करके सीखने का मौका मिलना चाहिए। इसी तरह आईसीटी लैब का इस्तेमाल भी पढ़ाई को आसान और बेहतर बनाने के लिए किया जाना चाहिए।
कबड्डी और वॉलीबॉल मैदान को किया जाएगा बेहतर
खेलकूद को लेकर छात्राओं से बातचीत में पता चला कि वे कबड्डी, खो-खो और वॉलीबॉल खेलती हैं। छात्राओं की खेलों में रुचि देखकर डीसी ने मैदान को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कबड्डी और वॉलीबॉल मैदान को समतल और व्यवस्थित कराने को कहा। इसके साथ ही पूरा कबड्डी मैट और जरूरी कबड्डी किट उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया।
डीसी ने कहा कि खेल से छात्राओं का स्वास्थ्य बेहतर होता है और उनमें टीम भावना, अनुशासन और आत्मविश्वास भी बढ़ता है। इसलिए पढ़ाई के साथ खेलों को भी बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
सेनेटरी कॉम्प्लेक्स और हाई मास्ट लाइट की भी होगी व्यवस्था
निरीक्षण के दौरान स्कूल में छात्राओं की दूसरी जरूरतों की भी समीक्षा की गई। डीसी ने सेनेटरी कॉम्प्लेक्स की व्यवस्था कराने और हाई मास्ट लाइट लगाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि छात्राओं को साफ-सुथरा, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण मिलना जरूरी है। स्कूल में जरूरी सुविधाओं की कमी नहीं रहने दी जाएगी। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि छात्राओं की जरूरतों के अनुसार सुविधाओं को जल्द बेहतर किया जाए।
डीसी ने छात्राओं से कहा कि वे पढ़ाई और खेल दोनों में आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ने वाली छात्राएं अपने सपनों को जरूर पूरा कर सकती हैं।
इसे भी पढ़ें : क्रशर पर बाइक सवार 3 बदमाशों ने ताबड़तोड़ बरसाईं गोलियां… हाईवा खलासी जख्मी

