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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : कॉलेज की जिंदगी सिर्फ किताबों और परीक्षाओं तक सीमित नहीं होती। यहां बनने वाली दोस्तियां, शिक्षकों का मार्गदर्शन, कैंपस में बिताए गए अनगिनत पल और साथ मिलकर बुने गए सपने जिंदगी भर याद रहते हैं। कुछ ऐसे ही भावुक और खुशनुमा लम्हों का गवाह बना राधा गोविन्द विश्वविद्यालय का विज्ञान संकाय, जहां भौतिकी विभाग की ओर से आयोजित फ्रेशर्स एवं फेयरवेल समारोह ने हर किसी के चेहरे पर मुस्कान और आंखों में यादों की चमक छोड़ दी। एक तरफ नए विद्यार्थियों के लिए नई शुरुआत का उत्साह था तो दूसरी ओर अंतिम वर्ष के छात्र अपनी सुनहरी यादों को दिल में समेटे भविष्य की नई उड़ान भरने की तैयारी कर रहे थे। पूरा परिसर तालियों की गूंज, हंसी, संगीत और भावनाओं से सराबोर नजर आया।
दीप की रोशनी के साथ शुरू हुआ नए सफर का विश्वास
समारोह की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई। जैसे ही दीप जला, पूरे सभागार में सकारात्मक ऊर्जा का माहौल बन गया। शिक्षकों और अतिथियों ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें सिर्फ अच्छी पढ़ाई ही नहीं, बल्कि अच्छे संस्कार, अनुशासन और बेहतर व्यक्तित्व को भी जीवन का आधार बनाने का संदेश दिया। वरिष्ठ विद्यार्थियों ने नए साथियों का खुले दिल से स्वागत किया। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय का यह सफर केवल डिग्री लेने तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां हर दिन कुछ नया सीखने, खुद को पहचानने और अपने सपनों को आकार देने का अवसर मिलता है। उन्होंने नवप्रवेशी विद्यार्थियों को भरोसा दिलाया कि आने वाले वर्षों में यही परिसर उनकी सबसे खूबसूरत यादों का हिस्सा बनेगा।
मंच पर दिखी प्रतिभा, तालियों से गूंज उठा पूरा सभागार
औपचारिक कार्यक्रम के बाद माहौल पूरी तरह रंगीन हो गया। गीतों की मधुर धुन, नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियां, कविता पाठ और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने हर किसी का दिल जीत लिया। एक के बाद एक प्रस्तुति पर तालियों की गड़गड़ाहट लगातार सुनाई देती रही। छात्र-छात्राओं का आत्मविश्वास और उनकी ऊर्जा यह बता रही थी कि शिक्षा के साथ-साथ प्रतिभा को निखारने का भी विश्वविद्यालय में पूरा अवसर मिलता है। शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया और कई प्रस्तुतियों के बाद खुद भी मुस्कुराते हुए कलाकारों की सराहना करते नजर आए। कार्यक्रम केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और रचनात्मक सोच का भी शानदार प्रदर्शन बन गया।
सफलता की राह पर आगे बढ़ने का मिला संदेश
इस अवसर पर कुलाधिपति बी. एन. साह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती। जो व्यक्ति हर दिन कुछ नया सीखने की इच्छा रखता है, वही जीवन में आगे बढ़ता है। उन्होंने विद्यार्थियों से मेहनत, ईमानदारी और सकारात्मक सोच को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाने की अपील की।
सचिव प्रियंका कुमारी ने कहा कि आज के विद्यार्थी ही कल के जिम्मेदार नागरिक हैं। उन्होंने छात्रों से ज्ञान और नैतिक मूल्यों के बल पर समाज और देश के विकास में अपनी भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
कुलपति प्रो. (डॉ.) रश्मि, कुलसचिव प्रो. (डॉ.) निर्मल कुमार मंडल, वित्त एवं लेखा पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार, परीक्षा नियंत्रक प्रो. (डॉ.) अशोक कुमार तथा प्रबंध समिति के सदस्य अजय ने भी विद्यार्थियों को जीवन में निरंतर आगे बढ़ने, चुनौतियों का डटकर सामना करने और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा दी।
विदाई के पल हुए भावुक, लेकिन उम्मीदों से भरे
कार्यक्रम का सबसे भावुक पल तब आया, जब अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए। किसी ने पहली क्लास की याद सुनाई तो किसी ने दोस्तों के साथ बिताए गए खूबसूरत पलों को याद किया। कई छात्र भावुक भी हो गए, क्योंकि जिन गलियारों में उन्होंने वर्षों बिताए, अब उनसे विदा लेने का समय आ चुका था। भौतिकी विभागाध्यक्ष डॉ. डी. के. कुशवाहा ने विद्यार्थियों से कहा कि विज्ञान केवल विषय नहीं, बल्कि सोचने का तरीका है। उन्होंने छात्रों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण, ईमानदारी और नवाचार की भावना के साथ जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने विश्वास जताया कि यहां से निकलने वाले विद्यार्थी अपने ज्ञान और मेहनत के दम पर हर क्षेत्र में विश्वविद्यालय का नाम रोशन करेंगे।
समारोह के अंत में उत्कृष्ट सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। राहुल चंद्र मंडल ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों और अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
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