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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : कभी घर की चारदीवारी तक सीमित रहने वाली गांव और कस्बों की कई बेटियां अब अपने सपनों को नया आकार देने में जुटी हैं। कोई खुद का ब्यूटी पार्लर खोलने का सपना देख रही है, तो कोई अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी संभालने की तैयारी कर रही है। इन सपनों को पंख देने का काम कर रही है बिहार फाउंड्री एंड कास्टिंग्स लिमिटेड की एक खास पहल, जिसके तहत क्षेत्र की युवतियों को नि:शुल्क ब्यूटीशियन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जावेद हबीब पार्लर में चल रहे इस प्रशिक्षण कार्यक्रम ने कई युवतियों की सोच और आत्मविश्वास दोनों बदल दिए हैं। यहां सिर्फ मेकअप या हेयर स्टाइलिंग नहीं सिखाई जा रही, बल्कि बेटियों को अपने पैरों पर खड़े होने का हौसला भी दिया जा रहा है।
छोटे गांवों से निकलकर बड़े सपनों की ओर बढ़ते कदम
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत 17 जनवरी 2026 को हुई थी। फिलहाल इसका पहला बैच चल रहा है, जिसमें आसपास के क्षेत्रों की 10 युवतियां प्रशिक्षण ले रही हैं। इनमें कई ऐसी लड़कियां भी हैं, जिन्होंने पहले कभी घर से बाहर निकलकर किसी प्रोफेशनल ट्रेनिंग सेंटर में कदम नहीं रखा था। अब वही लड़कियां पूरे आत्मविश्वास के साथ ब्यूटी और हेयर ट्रीटमेंट की बारीकियां सीख रही हैं। कोई फेसियल करना सीख रही है, तो कोई ब्राइडल मेकअप की तकनीक समझ रही है। प्रशिक्षण के दौरान उनकी झिझक धीरे-धीरे खत्म हो रही है और उसकी जगह आत्मविश्वास ले रहा है।

सिर्फ प्रशिक्षण नहीं, भविष्य संवारने की तैयारी
यह कोर्स कुल 9 महीने का है, जिसे तीन चरणों में पूरा कराया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान युवतियों को ब्यूटी, मेकअप और हेयर ट्रीटमेंट से जुड़ी प्रोफेशनल जानकारी दी जा रही है। साथ ही ग्राहकों से बातचीत, साफ-सफाई, उत्पादों के सही इस्तेमाल और पार्लर संचालन जैसी जरूरी बातें भी सिखाई जा रही हैं। प्रशिक्षण देने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि आज ब्यूटी और वेलनेस सेक्टर में रोजगार की काफी संभावनाएं हैं। अगर लड़कियां अच्छी ट्रेनिंग लेकर इस क्षेत्र में उतरती हैं तो वे आसानी से अपनी कमाई शुरू कर सकती हैं।
“अब लगता है हम भी कुछ कर सकते हैं”
प्रशिक्षण ले रहीं युवतियों के चेहरे पर सीखने का उत्साह साफ नजर आता है। बातचीत के दौरान कई युवतियों ने बताया कि पहले उन्हें लगता था कि नौकरी या काम करना सिर्फ शहरों की लड़कियों के लिए आसान होता है, लेकिन अब उनकी सोच बदल रही है। एक प्रशिक्षु युवती ने कहा कि पहले वह सिर्फ घर के काम तक सीमित थी, लेकिन अब उसे लगने लगा है कि वह खुद का पार्लर खोल सकती है। वहीं दूसरी युवती ने कहा कि इस प्रशिक्षण से उसे नया आत्मविश्वास मिला है और अब वह अपने परिवार का सहारा बनना चाहती है।
कंपनी की सोच, महिलाओं को मिले आत्मनिर्भरता का अवसर
बिहार फाउंड्री एंड कास्टिंग्स लिमिटेड का कहना है कि कंपनी सिर्फ औद्योगिक विकास तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारियों को भी गंभीरता से निभा रही है। इसी सोच के तहत महिलाओं और युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कंपनी प्रबंधन के अनुसार आने वाले समय में इस तरह के और भी प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे, ताकि ज्यादा से ज्यादा युवतियां हुनर सीखकर आत्मनिर्भर बन सकें। उनका मानना है कि जब महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होंगी, तभी समाज और परिवार दोनों मजबूत होंगे।
बदलती तस्वीर की नई शुरुआत
रामगढ़ के इस छोटे से प्रशिक्षण केंद्र में सिर्फ ब्यूटीशियन कोर्स नहीं चल रहा, बल्कि यहां कई बेटियों के सपनों को नई दिशा मिल रही है। यह पहल उन लड़कियों के लिए उम्मीद की किरण बन रही है, जो कुछ करना चाहती थीं लेकिन उन्हें सही मौका नहीं मिल पा रहा था। अब ये बेटियां सिर्फ हुनर नहीं सीख रहीं, बल्कि अपने भविष्य को खुद गढ़ना भी सीख रही हैं।
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