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Palamu : एक करोड़ रुपये की कीमत वाली हथिनी ‘जयमति’ की चोरी और फिर फिल्मी अंदाज़ में हुई बरामदगी ने बिहार-झारखंड पुलिस को भी चौंका दिया है। झारखंड के पलामू जिले से चोरी हुई इस हथिनी को बिहार के छपरा जिले के अमनौर गांव से रेस्क्यू किया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि हथिनी के रखवाले (महावत) ने ही अपने मालिक को धोखा देकर इसे 27 लाख रुपये में बेच दिया था।
कैसे हुआ खुलासा?
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर निवासी नरेंद्र कुमार शुक्ला ने 12 सितंबर को पलामू के मेदिनीनगर सदर थाना में अपनी हथिनी के चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि हथिनी का नाम जयमति है और वह कोई आम हथिनी नहीं, बल्कि GPS चिप लगी “हाईटेक” हथिनी है।
शिकायत में उन्होंने इसकी कीमत एक करोड़ रुपए बताई थी। चिप की मदद से पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि हथिनी छपरा के अमनौर इलाके में है। इसके बाद पलामू पुलिस और छपरा वन विभाग की टीम ने मिलकर एक विशेष ऑपरेशन चलाया और जयमति को रेस्क्यू कर लिया।
हथिनी को बेचा गया था 27 लाख में
जांच में सामने आया कि नरेंद्र शुक्ला ने इस हथिनी को तीन अन्य पार्टनर्स के साथ मिलकर 40 लाख में खरीदा था। लेकिन उन्हीं पार्टनर्स ने उनकी जानकारी के बिना हथिनी को 27 लाख में बेच दिया। हैरानी की बात यह है कि हथिनी का महावत भी इस सौदे में शामिल था।
क्या बोले अधिकारी?
पलामू सदर थाना प्रभारी लालजी ने बताया कि मामले की जांच में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। हथिनी को बेचने में शामिल सभी लोगों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।



