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Patna : बिहार में सरकारी शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए अच्छी खबर है। चौथे चरण की शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया TRE-4 को लेकर शिक्षा विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिया है कि 25 जुलाई तक हर हाल में भर्ती की अधियाचना बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को भेज दी जाए। इसके बाद अगस्त के पहले सप्ताह में भर्ती का नोटिफिकेशन जारी होने की उम्मीद है।
46,882 पदों पर होगी भर्ती
TRE-4 के तहत राज्य के सरकारी स्कूलों में कुल 46,882 शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। इनमें प्राथमिक विद्यालयों में 10,778, मध्य विद्यालयों में 8,583, माध्यमिक विद्यालयों में 9,082 और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में 16,774 पद शामिल हैं। लंबे समय से इस भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों ने कई बार प्रदर्शन भी किया था। अब विभाग की तैयारी तेज होने से उनके बीच उम्मीद बढ़ गई है।राजस्थान दौरे से लौटने के बाद शिक्षा मंत्री ने विभागीय अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारियों को तय समय सीमा के भीतर काम पूरा करने और टीम भावना के साथ काम करने का निर्देश दिया गया।बैठक में मॉडल स्कूलों की प्रगति की भी समीक्षा हुई। अधिकारियों ने बताया कि राज्य के मॉडल स्कूलों में अब तक चार लाख से अधिक बच्चों का नामांकन हो चुका है। मंत्री ने दूसरे राज्यों के मॉडल स्कूलों का अध्ययन करने और बेहतर व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए।इसके साथ ही आम लोगों से मिलने वाले सभी आवेदनों का निपटारा अधिकतम 30 कार्य दिवस के भीतर करने का आदेश भी दिया गया।
नई कोचिंग नीति और शिक्षा सुधार पर जोर
शिक्षा मंत्री ने बताया कि राजस्थान के कोटा और सीकर की तर्ज पर बिहार की अपनी कोचिंग नीति तैयार की जाएगी। वहीं, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की एक टीम अगले सप्ताह बिहार का दौरा करेगी और शिक्षा व्यवस्था का जायजा लेगी। अधिकारियों को दौरे की सभी तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए।बैठक में यह भी तय किया गया कि जिला और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी हर महीने एक दिन गांव में जाकर अभिभावकों से संवाद करेंगे। साथ ही राज्य शिक्षा समिति के गठन के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सभी योजनाओं की लगातार निगरानी की जाएगी।
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