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News Samvad : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब हमारी रोज़मर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। बच्चे होमवर्क से लेकर क्रिएटिव प्रोजेक्ट्स तक एआई टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में अगर शिक्षक तकनीकी रूप से अपडेटेड न हों, तो वे छात्रों को सही दिशा नहीं दे पाएंगे। इस जरूरत को समझते हुए आईआईटी मद्रास ने शिक्षकों के लिए 45 घंटे का फ्री AI ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किया है।
ऑनलाइन और फ्री कोर्स की खासियत
यह कोर्स कक्षा 1 से 12 तक पढ़ाने वाले सभी विषयों के शिक्षकों के लिए ओपन है। पूरी तरह ऑनलाइन यह ट्रेनिंग बिल्कुल मुफ्त होगी। लगभग 45 घंटे का यह प्रोग्राम शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बेसिक समझ, इसके उपयोग और शिक्षा में प्रैक्टिकल महत्व से जोड़ देगा। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह पहल न केवल बड़े शहरों बल्कि ग्रामीण और कस्बाई इलाकों के शिक्षकों के लिए भी बेहद फायदेमंद साबित होगी।
शिक्षकों के लिए क्यों जरूरी है एआई ट्रेनिंग?
आज की पीढ़ी एआई का इस्तेमाल पढ़ाई से लेकर रिसर्च और इनोवेशन तक कर रही है। अगर शिक्षक इसकी सही जानकारी नहीं रखते तो वे बच्चों को मार्गदर्शन नहीं दे पाएंगे। एआई ट्रेनिंग के जरिए शिक्षक छात्रों को इसके फायदे और सीमाओं दोनों के बारे में सिखा सकेंगे। यह उन्हें भविष्य की चुनौतियों से निपटने में मदद करेगा।
डिजिटल गैप को करेगा कम
भारत में अब भी छोटे शहरों और गांवों के शिक्षकों की नई टेक्नोलॉजी तक सीमित पहुंच है। आईआईटी मद्रास की यह पहल इस डिजिटल गैप को भरने का काम करेगी। अब ग्रामीण शिक्षक भी वही ट्रेनिंग ले पाएंगे जो महानगरों के शिक्षक आसानी से पा रहे हैं।
भविष्य की शिक्षा की नई दिशा
एआई आने वाले समय में हर क्षेत्र में अहम भूमिका निभाने वाला है—चाहे वह शिक्षा हो, उद्योग या स्वास्थ्य। इस ट्रेनिंग से जुड़े शिक्षक न केवल छात्रों को एआई से परिचित कराएंगे, बल्कि उन्हें ग्लोबल स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए भी तैयार करेंगे। आईआईटी मद्रास का यह कोर्स भारतीय शिक्षा प्रणाली में तकनीकी क्रांति की शुरुआत मानी जा रही है।
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