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News Samvad : आलू दुनिया की सबसे ज्यादा खाई जाने वाली सब्जियों में से एक है। यूनाइटेड नेशन की फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन (FAO) के अनुसार यह पोषक तत्वों से भरपूर होता है, लेकिन अगर आलू अंकुरित हो जाए तो यह सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। अंकुरित आलू में सोलेनाइन और चाकोनाइन नामक टॉक्सिक तत्व मौजूद होते हैं। इनकी अधिक मात्रा का सेवन करने से उल्टी, दस्त, पेट दर्द, सिरदर्द और चक्कर जैसी समस्याएं हो सकती हैं। गंभीर मामलों में यह फूड पॉइजनिंग तक का कारण बन सकता है।
क्यों जल्दी अंकुरित होते हैं आलू?
आलू में स्टार्च और नमी अधिक होती है, इसलिए गर्म और नमी वाली जगह पर रखने से वे जल्दी अंकुरित हो जाते हैं। प्याज और लहसुन जैसी सब्जियों से निकलने वाली इथिलीन गैस भी इसके अंकुरण की प्रक्रिया को तेज करती है। वहीं, रोशनी के संपर्क में आने से उनमें क्लोरोफिल बनने लगता है और “आंखें” निकल आती हैं।
न्यूट्रिशन पर असर
अंकुरण के दौरान आलू अपने पोषक तत्व अंकुरों की ग्रोथ में खर्च करने लगता है। इससे विटामिन C और पोटेशियम जैसे न्यूट्रिएंट्स की मात्रा घट जाती है। स्टार्च शुगर में बदल जाता है, जिससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है। इसलिए डायबिटीज के मरीजों, गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को इसका सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए।
स्टोर करने का सही तरीका
विशेषज्ञों का कहना है कि आलू को हमेशा ठंडी, अंधेरी और हवादार जगह पर रखना चाहिए। इन्हें फ्रिज में न रखें, क्योंकि इससे स्टार्च शुगर में बदल जाता है और स्वाद खराब हो जाता है। आलू को प्याज या नमी वाली सब्जियों के पास भी नहीं रखना चाहिए। इन्हें जालीदार थैले या पेपर बैग में स्टोर करना सबसे अच्छा तरीका है।
फेंकने की बजाय उपयोग
अंकुरित आलू को खाने के बजाय कंपोस्ट बनाने, पौधों पर नेचुरल पेस्टिसाइड के रूप में छिड़कने या गमलों में लगाकर नए पौधे उगाने में इस्तेमाल किया जा सकता है।
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