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News Samvad : झारखंड के जिम्नास्टिक खिलाड़ियों के लिए शनिवार से एक खास प्रशिक्षण शिविर शुरू हुआ। झारखंड जिम्नास्टिक संघ और झारखंड स्टेट स्पोर्ट्स प्रमोशन सोसाइटी (JSSPS) के संयुक्त तत्वावधान में जेएसएसपीएस परिसर में तीन दिवसीय एक्रोबैटिक जिम्नास्टिक प्रशिक्षण शिविर और राष्ट्रीय चयन ट्रायल का आयोजन किया जा रहा है। 18 से 20 जुलाई तक चलने वाले इस शिविर में राज्य के अलग-अलग जिलों से आए प्रतिभाशाली खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इस शिविर का मकसद खिलाड़ियों को जिम्नास्टिक के बदलते नियमों और आधुनिक तकनीकों से रूबरू कराना है। साथ ही खिलाड़ियों की प्रतिभा और प्रदर्शन का मूल्यांकन कर उन्हें आने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और राष्ट्रीय टीम चयन के लिए तैयार किया जा रहा है।
नए नियमों की जानकारी, प्रदर्शन सुधारने पर जोर
शिविर के दौरान खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लागू कोड ऑफ पॉइंट्स की जानकारी दी जा रही है। इसके अलावा संतुलन, समन्वय, प्रस्तुतीकरण, कठिन तकनीकी कौशल और प्रतियोगिताओं के नए नियमों को लेकर व्यावहारिक और सैद्धांतिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षक खिलाड़ियों को यह भी समझा रहे हैं कि नए नियमों के मुताबिक अपने प्रदर्शन में किस तरह सुधार किया जाए। कठिन मूव्स करते समय संतुलन कैसे बनाए रखा जाए और प्रतियोगिता में अधिकतम अंक हासिल करने के लिए किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है, इसकी भी जानकारी दी जा रही है।
खिलाड़ियों ने दिखाया शानदार प्रदर्शन
प्रशिक्षण शिविर के उद्घाटन अवसर पर खिलाड़ियों ने एक्रोबैटिक जिम्नास्टिक का शानदार प्रदर्शन किया। संतुलन, ताकत, लचीलापन और आपसी तालमेल का बेहतरीन नजारा देखने को मिला। खिलाड़ियों ने कई कठिन मूव्स और आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। खिलाड़ियों के प्रदर्शन को देखकर वहां मौजूद अतिथि और खेल प्रेमी काफी प्रभावित हुए। कठिन तकनीकी प्रदर्शन और शानदार तालमेल पर दर्शकों ने तालियां बजाकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया।
डॉ. निशिकांत पाठक बोले, बदलते नियमों से अपडेट रहना जरूरी
इस मौके पर झारखंड जिम्नास्टिक संघ के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. निशिकांत पाठक ने कहा कि खेलों के अंतरराष्ट्रीय नियम समय-समय पर बदलते रहते हैं। जिम्नास्टिक में कोड ऑफ पॉइंट्स में भी लगातार बदलाव होता रहता है। ऐसे में खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों का नई तकनीकी जानकारी से अपडेट रहना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि झारखंड के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर लगातार पदक जीत रहे हैं। ऐसे में उन्हें अंतरराष्ट्रीय नियमों और प्रतियोगिता के नए मानकों की जानकारी देना जरूरी है। प्रशिक्षण शिविर से खिलाड़ियों के प्रदर्शन में सुधार होगा और वे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे। डॉ. पाठक ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि झारखंड के खिलाड़ी आने वाले दिनों में देश के लिए और अधिक पदक जीतेंगे।
10 बार राष्ट्रीय चैंपियन रहे अभिजीत देवनाथ दे रहे प्रशिक्षण
शिविर में पश्चिम बंगाल से देश के प्रसिद्ध एक्रोबैटिक जिम्नास्टिक विशेषज्ञ अभिजीत देवनाथ को मुख्य तकनीकी विशेषज्ञ और अतिथि प्रशिक्षक के रूप में आमंत्रित किया गया है। अभिजीत देवनाथ 10 बार राष्ट्रीय स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने 2017 एशियाई एक्रोबैटिक जिम्नास्टिक चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था और 2018 विश्व कप में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। वे अंतरराष्ट्रीय जज और कोच भी हैं। साथ ही जिम्नास्टिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की एक्रोबैटिक जिम्नास्टिक तकनीकी समिति के सदस्य हैं। उनके अनुभव का लाभ शिविर में हिस्सा ले रहे खिलाड़ियों को मिल रहा है। प्रशिक्षण के दौरान वे खिलाड़ियों की तकनीक, संतुलन, प्रदर्शन और कठिन मूव्स पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।
चयनित खिलाड़ियों को मिलेगा राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का मौका
आयोजकों के अनुसार शिविर के दौरान खिलाड़ियों का तकनीकी मूल्यांकन भी किया जाएगा। खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर प्रतिभाओं की पहचान की जाएगी। बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को आगामी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और राष्ट्रीय टीम चयन की तैयारी के लिए आगे बढ़ाया जाएगा। झारखंड जिम्नास्टिक संघ और जेएसएसपीएस का मानना है कि इस तरह के प्रशिक्षण शिविरों से राज्य में एक्रोबैटिक जिम्नास्टिक को बढ़ावा मिलेगा। खिलाड़ियों को विशेषज्ञों से सीधे सीखने का मौका मिलेगा और वे प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे। र्यक्रम में झारखंड जिम्नास्टिक संघ की उपाध्यक्ष पुष्पा हेस्सा, सचिव तूलिका श्रीवास्तव, रांची जिम्नास्टिक संघ के अध्यक्ष गोविंद झा, जेएसएसपीएस के कोच और एरोबिक्स प्रभारी विकास कुमार गोप, प्रशिक्षिका हेमा कुमारी, कोषाध्यक्ष डॉ. दीपक कुमार सहित कई पदाधिकारी, प्रशिक्षक, तकनीकी अधिकारी और खिलाड़ी मौजूद रहे।

