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News Samvad : दांबुला में खेली गई त्रिकोणीय सीरीज के मुकाबले में भारत ए और श्रीलंका ए के बीच मैच जितना रोमांचक रहा, उतना ही विवादों में भी घिर गया। मैच टाई होने के बाद इसका फैसला सुपर ओवर से हुआ, जहां श्रीलंका ए ने भारत ए को छह रन से हरा दिया। मुकाबला खत्म होते ही भारतीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और श्रीलंकाई खिलाड़ियों के बीच तीखी बहस हो गई, जो बाद में धक्का-मुक्की तक पहुंच गई।
आखिरी गेंद के बाद बिगड़ा माहौल
सुपर ओवर में भारत ए को अंतिम गेंद पर जीत के लिए आठ रन चाहिए थे। श्रीलंका ए के गेंदबाज कुगाथस माथुलन ने शानदार यॉर्कर फेंकी, जिस पर वैभव बड़ा शॉट नहीं लगा सके। इसके साथ ही श्रीलंका ए की जीत तय हो गई और खिलाड़ी जश्न मनाने लगे।इसी दौरान वैभव किसी बात पर नाराज हो गए। माना जा रहा है कि उन्हें विरोधी खिलाड़ियों का जश्न मनाने का तरीका या मैच खत्म होने के बाद कही गई कोई बात पसंद नहीं आई। देखते ही देखते बहस बढ़ गई और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। वैभव ने एक श्रीलंकाई खिलाड़ी को धक्का भी दिया। हालांकि साथी खिलाड़ियों और अंपायरों ने तुरंत हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया।
डिकवेला ने निभाई अहम भूमिका
स्थिति को बिगड़ता देख श्रीलंका के अनुभवी खिलाड़ी निरोशन डिकवेला आगे आए। उन्होंने वैभव को अलग किया और दोनों टीमों के खिलाड़ियों को शांत कराया। हाथ मिलाने के दौरान भी वैभव नाराज नजर आए, जिसके बाद भारतीय खिलाड़ियों ने उन्हें समझाकर मैदान से बाहर भेजा।
सुपर ओवर से पहले भी हुआ था ड्रामा
मैच टाई होने के बाद शुरुआत में सुपर ओवर कराने को लेकर संशय था क्योंकि रोशनी पर्याप्त नहीं थी। भारत ए के कप्तान तिलक वर्मा ने अंपायरों से चर्चा कर सुपर ओवर कराने की मांग की, जिसके बाद खेल जारी रखा गया।सुपर ओवर में एक और विवाद तब हुआ जब श्रीलंका की पारी की आखिरी गेंद पर बल्लेबाज को पहले आउट दिया गया, लेकिन रिप्ले में गेंद कमर से ऊपर पाई गई। अंपायरों ने फैसला बदलते हुए उसे नो-बॉल करार दिया और गेंद दोबारा फेंकी गई।
बल्ले से भी नहीं चला जादू
विवादों के बीच वैभव का प्रदर्शन भी फीका रहा। उन्होंने 21 रन बनाए और लगातार तीसरे मैच में बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। भारत ए को टूर्नामेंट में दूसरी हार झेलनी पड़ी, जबकि श्रीलंका ए अंक तालिका में शीर्ष पर पहुंच गई।

