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News Samvad : भारत ए, श्रीलंका ए और अफगानिस्तान ए के बीच खेली जा रही ट्राई सीरीज में 15 वर्षीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। कुछ दिन पहले श्रीलंका ए के खिलाड़ियों के साथ हुए विवाद को लेकर चर्चा में रहे वैभव अब थर्ड अंपायर के एक फैसले की वजह से फिर खबरों में आ गए हैं। अफगानिस्तान ए के खिलाफ मुकाबले में उन्हें शून्य के स्कोर पर जीवनदान मिला, जिसके बाद मैदान से लेकर सोशल मीडिया तक बहस शुरू हो गई।
दूसरी ही गेंद पर आउट होते-होते बचे
बुधवार को खेले गए मैच में वैभव सूर्यवंशी बल्लेबाजी के लिए उतरे तो दूसरी ही गेंद पर उनका विकेट गिरता हुआ नजर आया। अफगानिस्तान ए के गेंदबाज शम्स उर रहमान की गेंद पर वैभव ने शॉट खेला, जिसे प्वाइंट पर खड़े फरीदून दावूदजई ने एक हाथ से लपक लिया। पहली नजर में यह शानदार और साफ कैच दिखाई दे रहा था।मैदान पर मौजूद खिलाड़ियों को भी भरोसा था कि बल्लेबाज आउट हैं, लेकिन मामला थर्ड अंपायर के पास भेजा गया। इसके बाद कई एंगल से रिप्ले देखा गया और काफी देर तक फुटेज की जांच हुई।
थर्ड अंपायर ने दिया नॉट आउट का फैसला
रिप्ले देखने के बाद थर्ड अंपायर ने फैसला सुनाया कि कैच पूरा करते समय गेंद का एक हिस्सा जमीन को छूता हुआ दिखाई दे रहा है। इसी आधार पर वैभव सूर्यवंशी को नॉट आउट करार दिया गया। जैसे ही बड़ी स्क्रीन पर नॉट आउट का संकेत आया, भारतीय खेमे में राहत की लहर दौड़ गई।इस जीवनदान का फायदा उठाते हुए वैभव ने 28 गेंदों पर 38 रन बनाए और टीम को अच्छी शुरुआत देने की कोशिश की।
फैसले से नाराज दिखे अफगानिस्तान ए के खिलाड़ी
थर्ड अंपायर का फैसला आते ही अफगानिस्तान ए के खिलाड़ी नाराज हो गए। कई खिलाड़ी फील्ड अंपायर के पास पहुंच गए और अपनी आपत्ति जताने लगे। उनका कहना था कि कैच पूरी तरह नियंत्रण में लिया गया था और गेंद जमीन से नहीं टकराई थी।हालांकि कुछ देर चर्चा के बाद खिलाड़ियों को वापस अपनी-अपनी पोजिशन पर लौटना पड़ा, क्योंकि क्रिकेट के नियमों के मुताबिक थर्ड अंपायर का फैसला अंतिम माना जाता है।
सोशल मीडिया पर बंटे फैंस
मैच खत्म होने से पहले ही इस फैसले की चर्चा सोशल Media पर शुरू हो गई। कई क्रिकेट प्रशंसकों ने इसे साफ आउट बताया, जबकि कुछ लोगों ने थर्ड अंपायर के फैसले का समर्थन किया।एक यूजर ने लिखा कि यह पूरी तरह साफ कैच था और वैभव किस्मत से बच गए। वहीं दूसरे फैन का कहना था कि भले ही उन्हें जीवनदान मिला हो, लेकिन अब उस मौके को बड़ी पारी में बदलना चाहिए था।कुछ लोगों ने यह भी कहा कि उपलब्ध वीडियो फुटेज पूरी तरह स्पष्ट नहीं था, इसलिए बल्लेबाज को संदेह का लाभ दिया गया। क्रिकेट नियमों के अनुसार जब सबूत पूरी तरह साफ नहीं होते, तब फैसला बल्लेबाज के पक्ष में जा सकता है।
पहले भी विवादों में रहे हैं वैभव
गौरतलब है कि इसी ट्राई सीरीज के दौरान श्रीलंका ए के खिलाफ मैच में वैभव सूर्यवंशी का विरोधी खिलाड़ियों के साथ विवाद भी चर्चा का विषय बना था। ऐसे में कम उम्र में ही वैभव लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। अब देखना होगा कि मैदान के बाहर की चर्चाओं से अलग वह अपने प्रदर्शन से कितनी बड़ी पहचान बना पाते हैं।
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