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Uttar Pradesh : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बरेली मंडल का दो दिवसीय दौरा सोमवार से शुरू हो गया। अपने दौरे के पहले दिन मुख्यमंत्री पीलीभीत पहुंचे, जहां उन्होंने विकास परियोजनाओं की सौगात देने के साथ उन परिवारों के जीवन में भी नई उम्मीद जगाई, जो दशकों पहले बांग्लादेश से विस्थापित होकर यहां आकर बसे थे। मुख्यमंत्री ने 106 लोगों को भारतीय नागरिकता प्रमाणपत्र और कई परिवारों को भूमि अधिकार पत्र सौंपकर कहा कि अब उन्हें कोई भी इस देश में पराया नहीं कह सकता।
569 करोड़ की परियोजनाओं का किया लोकार्पण और शिलान्यास
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सुबह करीब 11.10 बजे बरेली एयरपोर्ट पहुंचे। वहां से हेलिकॉप्टर के जरिए पीलीभीत के पतरासा कुंवरपुर गांव पहुंचे। कार्यक्रम स्थल पर उनका बंगाली परंपरा के अनुसार गर्मजोशी से स्वागत किया गया।मुख्यमंत्री ने 569.11 करोड़ रुपये की लागत वाली 66 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य जिले में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना है। इसके साथ ही उन्होंने विस्थापित परिवारों को भूमि अधिकार पत्र भी सौंपे।
106 लोगों को मिली भारतीय नागरिकता
कार्यक्रम का सबसे भावुक पल तब आया, जब मुख्यमंत्री ने बंगाली समाज के 106 लोगों को भारतीय नागरिकता प्रमाणपत्र सौंपे। उन्होंने कहा कि करीब 55 से 56 साल पहले बांग्लादेश से प्रताड़ित होकर आए इन परिवारों को पीलीभीत में बसाया गया था। लंबे इंतजार के बाद अब उन्हें भारत की नागरिकता मिल गई है।मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सिर्फ एक प्रमाणपत्र नहीं, बल्कि इन परिवारों के लिए नए जीवन की शुरुआत है। अब कोई भी उन्हें यहां से बेदखल नहीं कर सकता और न ही कोई उन्हें पराया कह सकता है। अब उन्हें अपनी पहचान और अपनी विरासत को सुरक्षित रखने का पूरा अधिकार मिल गया है।
जनप्रतिनिधियों ने रखीं क्षेत्र की मांगें
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद, गन्ना विकास एवं चीनी मिल राज्य मंत्री संजय गंगवार, कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।बीसलपुर विधायक विवेक वर्मा ने मुख्यमंत्री के सामने क्षेत्र में चीनी मिल, स्टेडियम और डिग्री कॉलेज की स्थापना की मांग रखी। वहीं बरखेड़ा विधायक स्वामी प्रवक्तानंद ने प्रदेश सरकार की शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवहन के क्षेत्र में किए गए कार्यों की सराहना की।
सुबह से उमड़ने लगी थी भीड़
मुख्यमंत्री की जनसभा को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही ग्रामीणों और लाभार्थियों का कार्यक्रम स्थल पर पहुंचना शुरू हो गया था। बड़ी संख्या में लोग मुख्यमंत्री को सुनने और विकास योजनाओं का लाभ लेने पहुंचे। पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया।
सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम
मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। कार्यक्रम स्थल पर चार स्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया था। सुरक्षा व्यवस्था में चार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, 10 क्षेत्राधिकारी, 47 थाना प्रभारी, 144 उपनिरीक्षक, 41 महिला उपनिरीक्षक, 624 कांस्टेबल और 94 महिला कांस्टेबल तैनात किए गए।यातायात व्यवस्था संभालने के लिए एक ट्रैफिक इंस्पेक्टर, नौ ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर और 34 ट्रैफिक कांस्टेबलों की ड्यूटी लगाई गई। इसके अलावा 118 एआईयू कर्मियों को भी सुरक्षा में लगाया गया। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एक कंपनी पीएसी और 10 फायर टेंडर भी मौके पर तैनात रहे।
विकास के साथ भरोसे का संदेश
पीलीभीत के इस दौरे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक तरफ जिले को सैकड़ों करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की सौगात दी, तो दूसरी तरफ वर्षों से नागरिकता का इंतजार कर रहे परिवारों को अधिकार और सम्मान भी दिलाया। विकास परियोजनाओं के साथ नागरिकता और भूमि अधिकार पत्र वितरण इस कार्यक्रम का सबसे अहम संदेश बनकर सामने आया।

