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New Delhi : भारत निर्वाचन आयोग ने उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 को लेकर आम जनता में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक जानकारीपूर्ण पुस्तिका जारी की है। “भारत के उपराष्ट्रपति पद का चुनाव, 2025” शीर्षक वाली इस पुस्तिका में चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सभी अहम पहलुओं को सरल भाषा में समझाया गया है।
संविधान के प्रावधानों का उल्लेख
पुस्तिका में बताया गया है कि भारत के संविधान का अनुच्छेद 324 भारत निर्वाचन आयोग को उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव कराने का अधिकार देता है। वहीं अनुच्छेद 68(2) के तहत यदि उपराष्ट्रपति का पद किसी कारणवश रिक्त हो जाता है—जैसे मृत्यु, इस्तीफा या हटाया जाना—तो ऐसी स्थिति में चुनाव यथाशीघ्र कराया जाएगा, और नए निर्वाचित उपराष्ट्रपति को पद ग्रहण की तिथि से पांच वर्षों की पूर्ण अवधि के लिए पद पर बने रहने का अधिकार होगा।
अलग होती है उपराष्ट्रपति चुनाव प्रक्रिया
पुस्तिका में यह भी बताया गया है कि उपराष्ट्रपति का चुनाव राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव अधिनियम, 1952 तथा राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव नियम, 1974 के तहत होता है। यह चुनाव लोकसभा या राज्य विधानसभा चुनावों से कई मामलों में अलग होता है—जैसे मतदाताओं की संरचना, उम्मीदवारों की पात्रता, मतदान प्रणाली और मतगणना की प्रक्रिया।
क्या-क्या शामिल है पुस्तिका में?
इस पुस्तिका में निम्नलिखित बिंदुओं पर विस्तृत और सरल जानकारी दी गई है:
- संवैधानिक प्रावधान
- निर्वाचक मंडल की संरचना
- उम्मीदवारों की पात्रता शर्तें
- नामांकन से जुड़े नियम
- चुनाव कार्यक्रम और प्रक्रिया
- रिटर्निंग ऑफिसर की नियुक्ति
- मतदान स्थल और सुरक्षा व्यवस्था
- मतदान प्रणाली व मतगणना की विधि
- चुनाव संबंधी विवादों के प्रावधान
इसके अलावा, पुस्तिका में 1952 से 2022 तक हुए सभी 16 उपराष्ट्रपति चुनावों पर भी संक्षिप्त ऐतिहासिक विवरण शामिल हैं।
भारत निर्वाचन आयोग ने यह पुस्तिका अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करवाई है, ताकि नागरिकों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया की बेहतर समझ हो सके। अधिक जानकारी के लिए पुस्तिका यहां पढ़ी जा सकती है: https://t.co/5qoUmtcheO
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