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Ranchi : करीब 20 महीने पहले रांची के रातु थाना क्षेत्र में झारखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ता बब्बन प्रसाद पर हुई फायरिंग की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में जो सच सामने आया है, उसने सभी को चौंका दिया है। पुलिस जांच में पता चला है कि अधिवक्ता पर हमला किसी पुराने दुश्मन ने नहीं, बल्कि उनके अपने चचेरे भाई ने करवाया था। वजह थी पैतृक जमीन का विवाद। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक हमला करने वाला शूटर है, जबकि दूसरा वही व्यक्ति है जिसने सुपारी देकर पूरी साजिश रची थी।
घर लौटते समय मारी गई थी गोली
पुलिस के अनुसार 1 अक्टूबर 2024 को अधिवक्ता बब्बन प्रसाद झारखंड हाईकोर्ट से अपने घर लौट रहे थे। वह मोटरसाइकिल से रातु इलाके से गुजर रहे थे। इसी दौरान पीछे से बाइक पर सवार दो लोग आए और उन पर गोली चला दी। गोली लगने से बब्बन प्रसाद घायल हो गए थे। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए रातु थाना में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
एसएसपी की समीक्षा के बाद तेज हुई जांच
यह मामला लंबे समय से पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था। हाल ही में रांची के एसएसपी राकेश रंजन ने इस कांड की समीक्षा की और जल्द खुलासा करने का निर्देश दिया। इसके बाद रूरा एसपी के मार्गदर्शन में डीएसपी मुख्यालय द्वितीय अजय आर्यण के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और अन्य जानकारियों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया।
जमीन विवाद ने रिश्तों में घोल दिया जहर
जांच के दौरान पुलिस ने पलामू जिले के सुदना निवासी अनुज कुमार महतो और सतबरवा निवासी गुलशन कुमार विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया। पूछताछ में शूटर गुलशन कुमार विश्वकर्मा ने कई अहम खुलासे किए। उसने बताया कि बब्बन प्रसाद और उनके चचेरे भाई अनुज कुमार महतो के बीच पैतृक जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। गुलशन ने पुलिस को बताया कि अनुज ने उसे पैसे देकर बब्बन प्रसाद की हत्या करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। इसी सुपारी के बाद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर फायरिंग की घटना को अंजाम दिया।
घटना में इस्तेमाल हथियार पहले ही हो चुका था जब्त
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि फायरिंग में इस्तेमाल पिस्टल और मोटरसाइकिल घटना के करीब दो महीने बाद ही पुलिस के हाथ लग चुके थे। चैनपुर थाना क्षेत्र में कुख्यात अपराधी सुजीत सिन्हा गिरोह के खिलाफ हुई कार्रवाई के दौरान पुलिस ने हथियार और बाइक जब्त की थी। उसी कार्रवाई में यह पिस्टल भी बरामद हुई थी, जिसका इस्तेमाल अधिवक्ता पर हमले में किया गया था।
शूटर का आपराधिक रिकॉर्ड भी मिला
गिरफ्तार शूटर गुलशन कुमार विश्वकर्मा पहले भी कई मामलों में जेल जा चुका है। उसके खिलाफ चैनपुर थाना में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज है। इसके अलावा पांकी थाना में भी उसके खिलाफ आपराधिक कांड दर्ज है। पुलिस उसके पुराने रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।
छापेमारी टीम ने निभाई अहम भूमिका
इस पूरे मामले के खुलासे में डीएसपी अजय आर्यण, रातु थानेदार आदिकांत महतो, एसआई अनुरंजन कुमार, महेश प्रसाद कुशवाहा, सुनील कुमार सिंह और रातु थाना की पुलिस टीम की अहम भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी भी जारी है। घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
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