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Bhojpur (Bihar) : बिहार में सिम बॉक्स से जुड़े साइबर फ्रॉड का एक और मामला सामने आया है। इस बार भोजपुर जिले के नारायणपुर गांव में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की टीम ने छापेमारी कर चार सिम बॉक्स उपकरण बरामद किए हैं। मामले में मुकेश कुमार नामक एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।
SIT ने की कार्रवाई, इंटरनेशनल कॉल से जुड़ा था नेटवर्क
बुधवार देर शाम EOU डीएसपी पंकज कुमार के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) द्वारा की गई इस छापेमारी में बड़ा खुलासा हुआ है। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के बाद शुक्रवार को भी कई स्थानों पर लगातार छापेमारी की गई। इस मामले से जुड़े कई अन्य आरोपियों की तलाश अब भी जारी है।
सुपौल कनेक्शन से मिला भोजपुर लिंक
इससे पहले सुपौल जिले में तीन सिम बॉक्स के साथ एक साइबर अपराधी हर्षित को गिरफ्तार किया गया था। उसकी पूछताछ में भोजपुर से लिंक मिलने पर यह कार्रवाई की गई।
कैसे होता था फ्रॉड?
जांच में सामने आया कि सिम बॉक्स के जरिए एक समानांतर कॉल एक्सचेंज का संचालन किया जा रहा था। कंबोडिया, थाईलैंड जैसे देशों से आने वाली इंटरनेशनल कॉल को लोकल कॉल में बदल दिया जाता था। इसका इस्तेमाल स्थानीय स्तर पर ठगी और अन्य साइबर अपराध करने के लिए किया जाता था। रोजाना हजारों की संख्या में फर्जी कॉल किए जा रहे थे। यह नेटवर्क केंद्रीय दूरसंचार मंत्रालय को भी राजस्व नुकसान पहुंचा रहा था।
आधार डेटा का दुरुपयोग
पूरी जांच में यह भी सामने आया है कि टेलीकॉम कंपनियों के अधिकृत डिस्ट्रीब्यूटर और रिटेलर की मिलीभगत से आम लोगों के आधार और बॉयोमेट्रिक डाटा का गलत उपयोग किया गया। फर्जी तरीके से सैकड़ों सिम कार्ड लिए गए और इनका इस्तेमाल सिम बॉक्स में किया गया।
CSC और सिम डिस्ट्रीब्यूटर भी रडार पर
जांच में कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के संचालक, सिम डिस्ट्रीब्यूटर और अन्य लोगों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। कई और जगहों पर संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली है, जिसके आधार पर छापेमारी जारी है।
राष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत
अब तक की जांच से यह भी स्पष्ट हुआ है कि यह नेटवर्क सिर्फ बिहार ही नहीं, बल्कि देशभर में फैला हुआ है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड पोर्टल (NCRP) पर दर्ज कई मामलों में इस गिरोह की संलिप्तता सामने आई है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि आगे चलकर और कई गैंग और आरोपी इस नेटवर्क से जुड़ सकते हैं।
साइबर एक्सपर्ट्स और सुरक्षा एजेंसियों ने आम लोगों से अपील की है कि वे अपने आधार और बॉयोमेट्रिक डाटा की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें और किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या साइबर सेल को दें।
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