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Ranchi : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिशोम गुरु शिबू सोरेन का आज सुबह दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे राज्य में शोक की लहर फैल गई है। राज्य सरकार ने उनके निधन पर 4 अगस्त से 6 अगस्त तक तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और किसी भी प्रकार का राजकीय समारोह आयोजित नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही, 4 और 5 अगस्त को सभी सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे। अन्य सरकारी कार्यक्रम भी रद्द कर दिए गए हैं।

गुरुजी के निधन की खबर झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सामने आई। शुक्रवार, 1 अगस्त से शुरू हुआ यह सत्र 7 अगस्त तक चलना था, लेकिन आज सत्र के दूसरे दिन ही विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
सदन की शुरुआत ‘शिबू सोरेन अमर रहें’ के नारों से हुई। विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने भारी मन से शोक संदेश पढ़ा। उन्होंने कहा,
“आज का दिन हम सभी के लिए अत्यंत दुखद है। दिशोम गुरु शिबू सोरेन का जाना न सिर्फ झारखंड बल्कि पूरे देश के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने वंचितों की आवाज़ को बुलंद किया और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष किया।”
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, जो पिछले कई दिनों से दिल्ली में पिता की देखरेख में लगे थे, ने भी दुख जताया। पूरे राज्य में लोग गुरुजी के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे थे, लेकिन आज सुबह उनका निधन हो गया। शिबू सोरेन झारखंड आंदोलन के प्रमुख चेहरे थे। उन्होंने आदिवासियों और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए लंबा संघर्ष किया। उनके निधन से झारखंड ने एक महान नेता को खो दिया है।
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