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Garhwa (Nityanand Dubey) : एक घर में नया बन रहा सेप्टिक टैंक मौत का कुआं बन गया। इस मौत के कुएं में आज यानी शुक्रवार को जो कई भी उतरा, जिंदा वापस नहीं निकला। इस निर्माणाधीन सेप्टिक टैंक ने चार जिंदगी निगल ली। मरने वालों में एक ही मां के कोख से जन्में तीन जवान भाई और गांव का एक शख्स शामिल है। चार लोगों के सेप्टिक टैंक में दम घुटने से मौत हो जाने की फैली खबर के बाद पूरे गांव में मातम छा गया। जिस किसी ने भी इस बारे जाना-सुना, वह सन्न रह गया।
मिली जानकारी के अनुसार गढ़वा के नवादा गांव के रहने वाले मोती चौधरी के घर में सेप्टिक टैंक बनकर तैयार हो गया। आज यानी शुक्रवार को टैंक का शटरिंग खोलने के लिए गांव के एक शख्स मल्टू राम टंकी के अंदर उतरे। लेकिन जब वह काफी देर तक बाहर नहीं आए, तो उन्हें देखने के लिए राजू शेखर भी नीचे गए। उन्हें देखने के लिए राजू शेखर भी नीचे गए। वे भी वापस नहीं लौटे। इसके बाद एक-एक करके अजय और चंद्रशेखर चौधरी भी टैंक में उतर गए, लेकिन चारों में से कोई भी बाहर नहीं आया।
जब अंदर से बाहर कोई नहीं आया तो वहां मौजूद लोगों को चिंता हुई। उन्होंने शोर मचाकर आसपास के लोगों को भी बुलाया। कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने चारों को टैंक से बाहर निकाला और तुरंत गढ़वा सदर अस्पताल ले गए। अस्पताल में चेकअप के बाद डॉक्टरों ने चारों को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल में मौत की खबर सुनते ही परिजनों और गांव वालों के बीच चीख-पुकार मच गई। वहीं, गांव में मातम छा गया।
घटना की सूचना मिलते ही एसडीओ संजय कुमार, एसडीपीओ नीरज कुमार और गढ़वा थानेदार बृज कुमार पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे और घटना की जानकारी ली। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच में जुट गयी।
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