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Ranchi : झारखंड के शिक्षा मंत्री और झामुमो के वरिष्ठ नेता रामदास सोरेन नहीं रहे। दिल्ली के अपोलो अस्पताल में उन्होंने आज यानी 15 अगस्त को आखिरी हिचकी ली। आज रात करीब 10:45 बजे उनके आधिकारिक ट्विटर अकाउंटर पर यह जानकारी साझा की गयी है। पोस्ट में उनकी तस्वीर शेयर कर लिखा गया है… “अत्यंत ही दुख के साथ यह बता रहा हूँ की मेरे पिताजी रामदास सोरेन जी अब हमारे बीच नही रहे।” रामदास सोरेन के निधन की खबर के बाद सीएम हेमंत सोरेन ने भी गहरा दुख जताया है। उन्होंने X पर ट्वीट कर लिखा “ऐसे छोड़ कर नहीं जाना था रामदास दा… अंतिम जोहार दादा…”
ऐसे छोड़ कर नहीं जाना था रामदास दा…
अंतिम जोहार दादा… pic.twitter.com/5cKZkpIe9Z
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) August 15, 2025
इससे पहले झामुमो नेता कुणाल षाड़ंगी ने भी अपने X अकाउनट पर जानकारी साझा की है। उन्होंने पोस्ट कर लिखा कि “आप सभी को अत्यंत दुःख के साथ यह सूचना साझा कर रहा हूँ कि राज्य के स्कूली शिक्षा व निबंधन मंत्री तथा घाटशिला विधानसभा के विधायक माननीय रामदास सोरेन जी अब हम सबके बीच नहीं रहे। उनके लाखों चाहने वालों, शुभचिंतकों, कर्मठ कार्यकर्ताओं, स्कूली शिक्षा व निबंधन विभाग के सहयोगियों और हम सबके लिए एक व्यक्तिगत और अपूरणीय क्षति है। पूरा जेएमएम परिवार इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के सभी चिकित्सकों और उनकी टीमों के सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों का हृदय से आभार व्यक्त करता है कि उन्होंने पिछले 2 अगस्त से लेकर आज तक दिन रात उन्हें ठीक करने के लिए बहुत मेहनत की लेकिन ईश्वर की मर्जी के आगे हम सब मजबूर हैं। ईश्वर दिवंगत आत्मा को श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें। ऊँ शांति!”
दो अगस्त को गंभीर चोट के कारण अस्पताल में हुए थे भर्ती
बता दें कि बीते दो अगस्त से गंभीर चोट के कारण अस्पताल में भर्ती थे। दो अगस्त की सुबह अपने घोड़ाबांधा स्थित आवास में बाथरूम में फिसलकर गिरने से उनके सिर में गंभीर चोट आई थी। परिजनों के अनुसार, रामदास सोरेन उस दिन सुबह करीब 4:30 बजे मॉर्निंग वॉक के लिए उठे थे। बाथरूम में अचानक फिसलने से उनके सिर पर जोरदार चोट लगी। परिवार के लोग तुरंत उन्हें टाटा मोटर्स अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उनकी हालत गंभीर बताई। जांच में उनके ब्रेन में ब्लड क्लॉट पाया गया।
स्थिति गंभीर होने पर उन्हें एयर एंबुलेंस से दिल्ली ले जाने का निर्णय लिया गया। सुबह 9:30 बजे सोनारी एयरपोर्ट से रवाना कर उन्हें अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां डॉक्टरों की एक टीम उनका लगातार इलाज कर रही थी, लेकिन चोट की गंभीरता के कारण उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका और अंततः उन्होंने आखिरी हिचकी ली।
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