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New Delhi : भारत सरकार ने देश में ई-पासपोर्ट सुविधा की शुरुआत कर दी है। अब यात्री पारंपरिक पासपोर्ट के साथ-साथ एडवांस तकनीक वाले पासपोर्ट का विकल्प चुन सकेंगे। इससे अंतरराष्ट्रीय यात्रा और अधिक सुरक्षित और आसान हो जाएगी।
सरकार ने पहले इसका पायलट प्रोजेक्ट 1 अप्रैल 2024 को शुरू किया था। सफलता मिलने के बाद अब इसे औपचारिक रूप से लागू कर दिया गया है। फिलहाल यह सेवा केवल कुछ चुनिंदा पासपोर्ट सेवा केंद्रों पर उपलब्ध है, लेकिन जल्द ही इसे देशभर में शुरू किया जाएगा।
ई-पासपोर्ट क्या है?
ई-पासपोर्ट पारंपरिक पासपोर्ट का नया रूप है। इसमें एक चिप और एंटीना लगा होता है, जिसमें यात्री की जानकारी और बायोमेट्रिक डाटा (फिंगरप्रिंट, चेहरा और आईरिस स्कैन) सुरक्षित रहता है।
इसे पहचानना आसान है, क्योंकि पासपोर्ट के कवर पर शीर्षक के नीचे एक छोटा सुनहरा चिन्ह बना होता है।
ई-पासपोर्ट की खासियतें
पासपोर्ट के कवर में इलेक्ट्रॉनिक चिप लगी होगी।
यात्री की बायोमेट्रिक जानकारी इसमें सुरक्षित रहेगी।
नाम, जन्मतिथि, पासपोर्ट नंबर जैसी जानकारी दर्ज होगी।
नकली पासपोर्ट बनाने की संभावना बेहद कम होगी।
यह अंतरराष्ट्रीय मानकों (ICAO) के अनुसार तैयार है।
यात्रा की प्रक्रिया और तेज़ व सुरक्षित होगी।
आवेदन कैसे करें?
पासपोर्ट सेवा पोर्टल पर लॉगिन करें।
ई-पासपोर्ट के लिए ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरें।
नजदीकी PSK या POPSK केंद्र चुनें।
ऑनलाइन शुल्क जमा करें और अपॉइंटमेंट लें।
तय तारीख पर केंद्र जाकर बायोमेट्रिक और दस्तावेज़ सत्यापन कराएं।
सरकार का कहना है कि ई-पासपोर्ट आने से नागरिकों को अधिक सुरक्षा मिलेगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यात्रा की प्रक्रिया आधुनिक बनेगी।



