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New Delhi : लगातार हो रही बारिश और बैराज से छोड़े गए पानी के कारण जनपद में यमुना और हिंडन नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। यमुना नदी ने खतरे के लाल निशान को पार कर लिया है, जिससे जिले के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों को तेज कर दिया है।
गुरुवार को दोपहर 3 बजे यमुना नदी का जलस्तर 200.65 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 200.60 मीटर से अधिक है। वहीं हिंडन नदी का जलस्तर 201.00 मीटर रहा, जो अभी चेतावनी बिंदु 205.08 मीटर से काफी नीचे है। प्रशासन ने यमुना के आसपास के इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है।
बाढ़ से जनपद के 43 गांव प्रभावित हुए हैं, जिनमें सदर तहसील के 12, दादरी के 6 और जेवर तहसील के 25 गांव शामिल हैं। प्रशासन ने अब तक 3800 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है, जिनमें से 2637 लोग विभिन्न बाढ़ शरणालयों में रह रहे हैं। इन शरणालयों में भोजन, पेयजल, स्वच्छता और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था की गई है।
मुख्य चिकित्साधिकारी की निगरानी में छह स्वास्थ्य रेस्पांस टीमें तैनात की गई हैं। बाढ़ नियंत्रण कक्ष में भी स्वास्थ्य कर्मियों की शिफ्टवार ड्यूटी लगाई गई है। सांप के काटने जैसी आपात स्थितियों के लिए पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नेक वैनम उपलब्ध कराया गया है। पशुओं को बचाने के लिए सेक्टर-135, ग्रीन बेल्ट और पुश्ता रोड पर पशु राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जहां 1471 गौवंश को सुरक्षित पहुंचाया गया है।
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की दो टीमें जेवर के मेहंदीपुर और सदर तहसील के सेक्टर-150 में तैनात हैं। पीएसी की एक टीम थाना दनकौर क्षेत्र के मुर्शदपुर गांव में और अग्निशमन विभाग की टीम सेक्टर-151ए में आठ नावों के साथ मुस्तैद है। एनडीआरएफ के सहयोग से 35 लोगों को बाढ़ग्रस्त इलाकों से सुरक्षित निकाला गया है।
पुश्ता रोड पर 16 किलोमीटर के क्षेत्र में बनी झुग्गियों में रह रहे करीब तीन हजार लोग जलस्तर बढ़ने से संकट में हैं। प्रशासन द्वारा अलर्ट जारी किए जाने के बावजूद कई लोग डूब क्षेत्र में जाकर सामान निकाल रहे हैं। वर्ष 2023 में इसी क्षेत्र से सबसे अधिक रेस्क्यू किया गया था, लेकिन इस बार सुरक्षा इंतजाम कमजोर बताए जा रहे हैं।
जनपद स्तर पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष 24 घंटे संचालित है। कंट्रोल रूम के नंबर 0120-2978231, 2978232, 2978233 जारी किए गए हैं। अपर जिलाधिकारी अतुल कुमार ने बताया कि प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ हालात पर नजर बनाए हुए है और किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त शरणालय, दवाइयां और नावें तैयार रखी गई हैं।
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार 1 जून से 4 सितम्बर तक जनपद में 201.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि सामान्य वर्षा 391.7 मिमी होनी चाहिए थी। यानी वर्षा में लगभग 49 प्रतिशत की कमी रही है। इसके बावजूद यमुना और हिंडन नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
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