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Hazaribagh (Badkagaon) : मंगलवार की सुबह बड़कागांव का माहौल कुछ अलग था। गांव के युवा हाथों में फाइल और सीवी लिए उत्साहित नजर आ रहे थे। आंखों में उम्मीद थी, चेहरे पर आत्मविश्वास। मौका था अदाणी फाउंडेशन द्वारा आयोजित रोजगार मेले का, जिसने इलाके के युवाओं और ग्रामीण परिवारों के बीच नई उम्मीदें जगा दी।
अदाणी के हर प्रोजेक्ट में रोजगार की संभावनाएं : थानेदार
इस रोजगार मेले के कार्यक्रम का शुभारंभ बड़कागांव थानेदार कृष्ण कुमार गुप्ता ने किया। उद्घाटन के दौरान उन्होंने कहा… “युवाओं को चाहिए कि वे ऐसे अवसरों को पकड़ें और अपने भविष्य को मजबूत बनाएं। अदाणी के हर प्रोजेक्ट में रोजगार की संभावनाएं हैं और स्थानीय युवाओं को इनसे जुड़ना चाहिए।” उनकी बातों ने वहां मौजूद युवाओं में जोश भर दिया।

स्कूल, अस्पताल और स्किल ट्रेनिंग सेंटर स्थापित करेगा अदाणी फाउंडेशन : पुंडरीक मिश्रा
गोंदुलपारा खनन परियोजना प्रमुख पुंडरीक मिश्रा ने न सिर्फ रोजगार बल्कि शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जल्द ही अदाणी फाउंडेशन इलाके में स्कूल, अस्पताल और स्किल ट्रेनिंग सेंटर स्थापित करेगा। यह खबर सुनते ही ग्रामीणों के चेहरों पर संतोष और उत्सुकता झलकने लगी। ग्रामीण परिवारों को लगा कि अब बच्चों को शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधा पाने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।
200 से अधिक युवाओं ने जमा किये सीवी
मेले में 200 से अधिक युवाओं ने सीवी जमा किए। यह केवल एक आंकड़ा नहीं था, बल्कि इन युवाओं की आंखों में बसे सपनों की झलक थी। किसी की ख्वाहिश थी कि वह अपने परिवार की जिम्मेदारी उठाए, तो कोई अपने गांव के बच्चों के लिए रोल मॉडल बनना चाहता था। अधिकारियों ने बताया कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह योग्यता और कौशल पर आधारित होगी। विस्थापित परिवारों और परियोजना प्रभावित लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी।
‘उम्मीदों’ का मेला, युवाओं के सपनों को अदाणी फाउंडेशन का सहारा
हजारीबाग के बड़कागांव में अदाणी फाउंडेशन ने लगाया रोजगार मेला, 200 से ज्यादा युवाओं ने जमा किये अपने CV…
गोंदुलपारा की प्रभा देवी, और बलोदर के घनश्याम कुमार क्या बोल गये देखें pic.twitter.com/EW6QSWcQ6S— News Samvad (@newssamvaad) September 9, 2025
वेतन के साथ खाना और आवास की भी सुविधा
यहां नौकरी पाने वाले युवाओं को सिर्फ रोजगार ही नहीं मिलेगा, बल्कि सुरक्षा और सम्मान भी। चयनित उम्मीदवारों को वेतन के साथ कर्मचारी भविष्य निधि (EPF), वार्षिक मेडिकल जांच, सस्ते दर पर भोजन, आवास सुविधा और इंसेंटिव जैसी सुविधाएं भी दी जाएंगी। इन सुविधाओं का जिक्र होते ही युवाओं के चेहरे पर तसल्ली और भरोसे की मुस्कान साफ झलकने लगी।
सीएसआर कार्यक्रमों से बदली तस्वीर
अदाणी फाउंडेशन का काम सिर्फ रोजगार तक सीमित नहीं है। पिछले कई वर्षों से यह संस्था इलाके में फ्री एम्बुलेंस सेवा, टीबी मरीजों के लिए पोषण किट, नेत्र एवं स्वास्थ्य जांच शिविर, शैक्षणिक सहयोग और छात्रवृत्ति योजनाएं चला रही है। यही वजह है कि स्थानीय लोग अदाणी फाउंडेशन के कार्यक्रमों को केवल औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि अपनी जिंदगी में आए बदलाव का जरिया मानते हैं।

गांव के लिए नई उम्मीद
रोजगार मेले के दौरान जब युवा एक-एक कर अपने सीवी जमा कर रहे थे, तो वहां मौजूद उनके माता-पिता की आंखों में गर्व और उम्मीद साफ दिख रही थी। एक ग्रामीण महिला प्रभा देवी ने कहा… “अगर हमारे बच्चे को नौकरी मिल गई, तो हमारे घर का चूल्हा बिना चिंता के जलता रहेगा।” प्रभा देवी के मुख से निकले यह बोल यह जता गया कि रोजगार मेला सिर्फ नौकरी देने का मंच नहीं था, बल्कि सैकड़ों परिवारों की उम्मीदों का सहारा था।
विकास की राह पर बड़कागांव
कार्यक्रम में ग्रामीणों की बड़ी संख्या में भागीदारी ने यह साबित किया कि बड़कागांव अब बदलाव की राह पर है। यह रोजगार मेला सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं की संभावनाओं और सपनों का उत्सव था। बड़कागांव की मिट्टी से निकली यह उम्मीद अब पूरे क्षेत्र में विकास की नई कहानी लिखने वाली है। मौके पर सुरक्षा प्रमुख अमित कोले, डीजीएम राजेश वर्मा, सीएसआर प्रभारी मोहित गुप्ता, सेवानिवृत डीएसपी जीतेन्द्र दुबे, डिप्टी मैनेजर संतोष तिवारी, एचआर लीड लक्ष्मीकांत और एडमिन अधिकारी मिथिलेश कुमार सिन्हा भी मौजूद रहे।

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