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Barkagaon (Hazaribagh) : हजारीबाग के बड़कागांव का गोंदुलपारा गांव, जहां अब तक सिर्फ खेती-बाड़ी, खनन, ट्रांसपोर्टिंग और रोजमर्रा की जद्दोजहद की कहानियां सुनाई देती थीं, आज गर्व और प्रेरणा का केंद्र बन गया है। यहां के पांच नौजवानों ने अग्निवीर भर्ती परीक्षा में सफलता हासिल कर पूरे इलाके का नाम रोशन किया है। इनके हौंसलों को उड़ान मिली अदाणी फाउंडेशन द्वारा संचालित निःशुल्क कोचिंग सेंटर के जरिए, जो सपनों को साकार करने का ठिकाना बन चुका है।
मां-बाप की आंखों में चमक
सोमवार को आयोजित प्रोत्साहन समारोह में जब सफल छात्रों… भानु सिंह राजपूत, सन्नी कुमार यादव, राजदीप कुमार, सुशांत कुमार शर्मा और ऋषभ कुमार को नवाजा गया, तो उनके माता-पिता की आंखों में आंसू थे। यह आंसू सिर्फ खुशी के नहीं थे, बल्कि उस संघर्ष की गवाही भी थे जिसमें उन्होंने अपने बच्चों को पाला-पोसा। साधारण किसान और मज़दूर परिवारों से आने वाले ये बच्चे अब सेना में शामिल होकर देश की सेवा करेंगे।
“अब मेरा बेटा वर्दी पहनेगा”
समारोह में सम्मानित होते समय भानु सिंह राजपूत की मां की आंखों डबडब थी। उन्होंने हौले से बस इतना कहा कि मेरा बेटा अब वर्दी पहनेगा, देश की सेवा करेगा। भला हो अदानी फाउंडेशन का, जिसने हमारे विरान सी जिंदगी में नयी जान फूंक दी। कभी सोंचा नहीं था कि बेटा इस लायक बन पायेगा। पर अदानी फाउंडेशन के निःशुल्क कोचिंग सेंटर में पढ़ाई करने के बाद यह संभव हो पाया है।

किताबें खरीदना तक मुश्किल था
इन छात्रों की बेहद साधारण और गरीब परिवार से आते हैं। कोई किसान का बेटा है, तो किसी का पिता दिहाड़ी मजदूरी करता है। किताबें खरीदना भी मुश्किल था, लेकिन अदाणी फाउंडेशन के निःशुल्क कोचिंग सेंटर ने इन सपनों को पंख दिए। यहां न सिर्फ पढ़ाई करवाई जाती है, बल्कि पौष्टिक नाश्ता, स्टेशनरी और रनिंग ड्रेस भी उपलब्ध कराई जाती है।
अदाणी फाउंडेशन ने हमें सिर्फ पढ़ाई नहीं, बल्कि आत्मविश्वास भी दिया : सन्नी
अग्निवीर बनने वाले सन्नी कुमार यादव ने कहा कि “अगर यह कोचिंग सेंटर न होता, तो शायद हम आज यहां तक नहीं पहुंचते। अदाणी फाउंडेशन ने हमें सिर्फ पढ़ाई नहीं, बल्कि आत्मविश्वास भी दिया।”

“सपनों की कोई कीमत नहीं होती”
समारोह के मुख्य अतिथि की हैसियत से मौजूद डीएसपी पवन कुमार ने बच्चों से कहा “सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। आपने कड़ी मेहनत की और आज उसका फल मिल रहा है। याद रखिए, सपनों की कोई कीमत नहीं होती, बस मेहनत से उन्हें खरीदा जाता है।” उन्होंने असफल छात्रों को भी हार न मानने की सीख दी और पढ़ाई के लिए इंटरनेट और सोशल मीडिया का सकारात्मक उपयोग करने पर जोर दिया।

आगे भी बच्चों को मिलता रहेगा शिक्षा का उजाला
सर्किल इंस्पेक्टर ललित कुमार ने अदाणी फाउंडेशन की पहल की तारीफ करते हुए कहा कि यह सफलता आने वाले बच्चों के लिए भी रास्ता दिखाएगी। कोचिंग सेंटर के प्रशिक्षकों का मानना है कि आने वाले समय में और भी बच्चे रेलवे, सीआईएसएफ और एसएससी जैसी परीक्षाओं में अपनी जगह बनाएंगे।

सिर्फ कोचिंग नहीं, जीवन संवारने का प्रयास
अदाणी फाउंडेशन का यह सेंटर सिर्फ किताबें और क्लास तक सीमित नहीं है। यहां छात्रों को निःशुल्क पौष्टिक नाश्ता, स्टेशनरी, रनिंग ड्रेस और बेहतर माहौल भी दिया जाता है। यही वजह है कि बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ रहा है। सिर्फ शिक्षा ही नहीं, फाउंडेशन पूरे क्षेत्र में बदलाव ला रहा है। टीबी मरीजों के लिए निशुल्क पोषण किट वितरण कार्यक्रम, महिलाओं के लिए स्वरोजगार प्रशिक्षण, स्वास्थ्य शिविर, छात्रवृत्ति योजनाएं और खेलकूद गतिविधियों को प्रोत्साहन जैसे अनेक कार्यों के जरिये यहां की तस्वीर बदलने की एक ईमानदार कोशिश जारी है। अग्निवीर की यह सफलता न केवल छात्रों के व्यक्तिगत सपनों को साकार कर रही है बल्कि पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है।

“इस कोचिंग सेंटर में पढ़ाई कर रहे बच्चे जरूर सफल होंगे”
इस अवसर पर अदाणी कोचिंग सेंटर के प्रशिक्षक ऋतिक जायसवाल, रविंद्र कुमार यादव और राजेंद्र कुमार यादव ने बताया कि अभी सीआईएसएफ, रेलवे, एक्साइज और एसएससी की परीक्षाएं भी होने वाली हैं, जिसमें इस कोचिंग सेंटर में पढ़ाई कर रहे बच्चे जरूर सफल होंगे। फिलहाल अदाणी फाउंडेशन की ओर से संचालित इस निशुल्क कोचिंग सेंटर में 35 से अधिक बच्चे विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं।
गांव से सेना तक : अदाणी फाउंडेशन ने गढ़े पांच ‘अग्निवीर’… जानें कैसे
क्या बोल गये बड़कागांव के डीएसपी पवन कुमार, सर्किल इन्स्पेक्टर ललित कुमार और अदाणी फाउंडेशन के अधिकारी… देखें pic.twitter.com/7u7qW4Z2Kn— News Samvad (@newssamvaad) September 8, 2025
तालियों से गूंज उठा पूरा माहौल
जब बच्चों ने मंच पर आकर सलामी दी तो पूरा माहौल तालियों से गूंज उठा। उनके चेहरों की मुस्कान और माता-पिता की आंखों की चमक ने यह साफ कर दिया कि अदाणी फाउंडेशन का यह प्रयास सिर्फ एक कोचिंग सेंटर नहीं, बल्कि गांव के सपनों को हकीकत में बदलने का पुल बन चुका है।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में गोंदुलपारा खनन परियोजना के प्रमुख पुण्डरीक मिश्रा, सुरक्षा प्रमुख अमित कोले, सीएसआर प्रमुख मोहित गुप्ता, तारकेश्वर कुमार और विजय कुमार समेत अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।

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