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Hazaribagh (Barkagaon) : झारखंड के हजारीबाग जिले का बड़कागांव हाल के दिनों में उस खौफनाक घटना का गवाह बना, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। यह कहानी महज दो हत्याओं की नहीं, बल्कि गांव की रंजिश, लेन-देन के लफड़े और भीड़ की हिंसा की है, जिसने बड़कागांव को लहूलुहान कर दिया।
शुरुआत एक अपहरण से
सब कुछ शुरू हुआ 6 जुलाई 2025 की सुबह। पिपराडीह गांव की संगीता देवी ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनके पति दिनेश प्रजापति को गांव के ही सुभाष प्रजापति ने एक लाख रुपये के लेन-देन विवाद में अगवा कर लिया है। पुलिस ने मामला दर्ज तो किया, लेकिन दिनेश का कोई सुराग नहीं मिला। चार रोज बाद यानी 10 जुलाई को कुम्हरडीहा गांव के एक पुराने कुएं से दिनेश प्रजापति का बेजान शरीर बरामद हुआ। पुलिस जब डेड बॉडी बाहर निकाल रही थी, गांव के लोग चीख रहे थे… “हमारे दिनेश को मार दिया!”।
गांववालों का गुस्सा और दूसरी मौत
दिनेश की मौत की फैली खबर गांव के हर किसी के भीतर आक्रोश पैदा कर गया। अलग रोज यानी 11 जुलाई को सैकड़ों लोगों की गुस्साई भीड़ ने सुभाष प्रजापति के घर पर धावा बोल दिया। गर पर सुभाष तो नहीं मिला, पर उसके बूढ़े पिता महेश प्रजापति घर पर ही थे। भीड़ ने बूढ़े महेश को घर से घसीटकर बाहर निकाला, रास्ते भर पीटा और शनिवार बाजार टांड़ के बीच उसे मौत के घाट उतार दिया। वे लोग यहीं नहीं रुके, उन्होंने घर को लूट-पाट, तोड़फोड़ की और फिर घर को ही फूंक डाला। धुआं और चीखें उस दिन पूरे गांव में गूंज रही थीं। वारदात की फैली खबर के बाद पुलिस स्पॉट पर पहुंची। पुलिस ने भीड़ को रोकने की कोशिश पर गुस्से में डूबे लोग पुलिस से भिड़ गए। पत्थर चले, लाठियां चलीं और हालात बेकाबू हो गए।
पुलिस रजिस्टर में दर्ज हुए दो केस
गांव की यह आग महज रंजिश की कहानी नहीं थी, बल्कि कानून और व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई। पुलिस के रजिस्टर में अब दो केस दर्ज थे… पहला- दिनेश प्रजापति का अपहरण और हत्या। दूसरा- महेश प्रजापति की भीड़ द्वारा हत्या, लूटपाट और आगजनी। दोनों मामलों में कुल मिलाकर सत्तर से ज्यादा लोग आरोपी बने।
SIT ने आठ को दबोचा
दोनों वारदातों की बात जब हजारीबाग पुलिस कप्तान अंजनी अंजन तक पहुंची, तो उन्होंने बड़कागांव SDPO पवन कुमार की देखरेख में SIT गठित कर दी। टीम ने रात-दिन छापेमारी की और आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार लोगों के नाम देवकी प्रजापति, शिबु यादव उर्फ पिंटू उर्फ छोटू, महानन्द प्रजापति, दिनेश प्रजापति उर्फ दिनेश्वर, बडु गोप उर्फ सिकन्दर गोप, गोप जी उर्फ घनश्याम यादव, गणेश यादव और राजु प्रजापति बताये गये। सभी आरोपी बड़कागांव थाना क्षेत्र के पिपराडीह गांव के रहने वाले हैं। SP ने बताया कि बाकी आरोपियों को दबोचने के लिए छापेमारी लगातार जारी है। SP अंजनी अंजन क्या बता गये… देखें
हजारीबाग के बड़कागांव में दो लोगों की हत्या और आगजनी कांड में आट संदेही गिरफ्तार, SP अंजनी अंजन क्या बता गये… देखें pic.twitter.com/HjMQzonKCl
— News Samvad (@newssamvaad) September 10, 2025
सराहनीय रही इनकी भूमिका
इन लोगों को गिरफ्तार करने में बड़कागांव SDPO पवन कुमार, बड़कागांव के सर्किल इंस्पेक्टर ललित कुमार, बड़कागांव थानेदार कृष्ण कुमार गुप्ता, केरेडारी थानेदार विवेक कुमार, डाडी कला थाना प्रभारी सागेन मुर्मू, सिकरी थानेदार राम कुमार राम, एसआई छोटु उरांव और अभिषेक कुमार की भूमिका सराहनीय रही।
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