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News Samvad : दुनिया भर के वैज्ञानिक लगातार ऐसी तकनीकों पर काम कर रहे हैं, जो इंसानों की ज़िंदगी को आसान बना सके। इसी कड़ी में स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने हाल ही में एक चौंकाने वाली सफलता हासिल की है। उन्होंने ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस (BCI) नामक तकनीक विकसित की है, जो इंसान के दिमागी विचारों को सीधे कंप्यूटर तक पहुंचा सकती है।
इस तकनीक की सबसे खास बात यह है कि व्यक्ति को न तो कुछ बोलने की ज़रूरत होगी और न ही किसी शारीरिक हरकत की। बस दिमाग में जो विचार आएगा, वह कंप्यूटर तक पहुंच जाएगा और उसी हिसाब से कंप्यूटर तुरंत कमांड देकर काम कर देगा।
उदाहरण के लिए, अगर कोई व्यक्ति बिना बोले और बिना हिल-डुल के सिर्फ सोचता है कि “टीवी चालू हो जाए”, तो कंप्यूटर उस दिमागी सिग्नल को समझकर टीवी चालू कर सकता है।
BCI तकनीक मस्तिष्क और कंप्यूटर के बीच एक पुल (ब्रिज) का काम करती है। इसमें सिर पर छोटे-छोटे इलेक्ट्रोड लगाए जाते हैं, जो दिमाग से निकलने वाले इलेक्ट्रिकल सिग्नल्स को कैप्चर करते हैं। इन जटिल सिग्नल्स को कंप्यूटर सॉफ्टवेयर डिकोड करता है और उन्हें आदेश (कमांड) में बदल देता है।
इस खोज को चिकित्सा क्षेत्र में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासकर उन लोगों के लिए, जो बोल नहीं सकते या शरीर से हिल-डुल नहीं सकते। पहले तक वैज्ञानिक बोलने में असमर्थ लोगों के होंठ और जीभ की हरकतों से सिग्नल लेकर उन्हें आवाज में बदलते थे। लेकिन अब इस नई तकनीक ने यह साबित कर दिया है कि बिना किसी शारीरिक संकेत के भी दिमाग सीधे कंप्यूटर से संवाद कर सकता है।
अगर यह तकनीक और आगे विकसित होती है, तो भविष्य में यह न केवल विकलांग लोगों के लिए बल्कि आम जीवन की हर ज़रूरत को आसान बना सकती है।
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