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Koderma : सुबह की ठंडी हवा और खेत-खलिहान के बीच अचानक मची हलचल ने पूरे इलाके को हिला दिया। तिलैया डैम ओपी पुलिस को बीते 17 सितंबर की सुबह सूचना मिली कि जमकटी बरसोतियाआहर के पास मैदान में सन्नाटा पसरा है, और उसके बीच पड़ा है एक शव। जब पुलिस पहुंची तो पहचान हुई – यह गोवर्धन साव की डेड बॉडी है, जिसके सिर पर चोट के गहरे निशान थे। घटना की सूचना पाते ही मृतक का भाई विजय साव भी पहुंचा। उसने थरथराते हाथों से थानेदार को लिखित आवेदन दिया… “मेरे भाई की हत्या हुई है, किसी ने उसका सिर कुचल दिया है।” पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज लिया।
SP की SIT ने चार घंटे में सुलझा ली गुत्थी
मामला गंभीर था। कोडरमा के एसपी अनुदीप सिंह ने डीएसपी (मुख्यालय) रतिभान सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की। तकनीकी साक्ष्य, गुप्त सूचना और चौकसी से की गई कार्रवाई ने मात्र चार घंटे में हत्या की गुत्थी खोल दी।
पत्नी ने रची मौत की साजिश
पुलिस जब सच्चाई तक पहुंची, तो सबसे बड़ा झटका खुद परिवार को लगा। मृतक की पत्नी बबीता देवी ने ही अपने पति की हत्या की साजिश रची थी। वजह थी – इश्क और नाजायज संबंध। बबीता अपने पड़ोसी अजय पासवान से इश्क करती थी और पति दोनों के मिलन के बीच का सबसे बड़ा “रुकावट” बन चुका था। पति की कथित प्रताड़ना और प्रेमी से मिल पाने में आ रही परेशानी ने उसे इतना निर्दयी बना दिया कि उसने अपने पति को मरवाने का खौफनाक फैसला कर लिया।
…खर्च की चिंता मत करो
गिरफ्तार हुए अजय पासवान ने पुलिस के सामने चौंकाने वाला बयान दिया – “बबीता ने मुझसे कहा कि उसके पति को रास्ते से हटा दो। खर्च की चिंता मत करो। उसने मुझे अपना बैंक ऑफ इंडिया का एटीएम कार्ड और पिन भी दे दिया।” इसके बाद अजय ने अपने चचेरे भाई नितीश कुमार पासवान को साथ मिलाया और खौफनाक प्लान तैयार किया।
शराब, गमछा, पत्थर और मौत की रात
16 सितंबर की देर शाम अजय और नितीश मोटरसाइकिल पर गोवर्धन को मैदान की ओर ले गए। पहले उसे शराब पिलाई, जब वह नशे में धुत्त हो गया तो गमछा से गला घोंट दिया। गोवर्धन बेहोश हो गया, तब उसके सिर पर एक बड़ा पत्थर पटक दिया गया। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। कातिलों ने सबूत मिटाने की कोशिश भी की। गमछा और पत्थर थोड़ी दूरी पर फेंक दिए, मोबाइल से सिम निकाल लिया और फोन तालाब में फेंक आए।
पुलिस के हाथ लगे पुख्ता सबूत
तफ्तीश में पुलिस को वह सब कुछ मिल गया जिससे सच सामने आ गया। मृतक का सिम कार्ड, बबीता का एटीएम कार्ड, घटना में प्रयुक्त बाइक (JH12S 4747), खून से सना पत्थर, गमछा, मृतक की चप्पल, मोबाइल और आरोपियों के कपड़े।
इनकी भूमिका रही सराहनीय
महज चार घंटे में कांड का खुलासा करने में डीएसपी रतिभान सिंह के अलावा माईका सर्किल इंस्पेक्टर सुजीत कुमार, तिलैया ओपी प्रभारी प्रेम कुमार, तकनीकी शाखा प्रभारी अभिमन्यु पडिहारी और चंदवारा थानेदार धनेश्वर कुमार की भूमिका सराहनीय रही।
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