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Ranchi : रांची के बहुचर्चित कमल भूषण हत्याकांड में आखिरकार अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। एजेसी-3 आनंद प्रकाश की अदालत ने राहुल कुजूर, डब्लू कुजूर और काविस अदनान को दोषी करार दिया है। सजा का एलान 22 सितंबर को होगा। इस केस में सुशीला कुजूर को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया, जबकि सरकारी गवाह बने मुनव्वर अफाक को भी राहत मिली। करीब तीन साल की लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने मुख्य आरोपियों को दोषी ठहराया है।
30 मई 2022 : जब सन्नाटे को गोलियों ने चीर दिया
30 मई 2022 की दोपहर रांची के व्यस्त रातू रोड पर अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट गूंजी। गैलेक्सिया मॉल के पास एक कार में बैठे जमीन कारोबारी कमल भूषण (54 वर्ष) पर अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। कार की पिछली सीट पर बैठे कमल को चार गोलियां लगीं – दो हाथ में, एक छाती में और एक सीधे सिर में। मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
बेटी के प्रेम विवाह से जन्मी दुश्मनी
कमल भूषण अपनी इकलौती बेटी यामिनी की शादी किसी आईएएस अधिकारी से करना चाहते थे। लेकिन मई 2021 में यामिनी ने अपनी पसंद से राहुल कुजूर से मंदिर में विवाह कर लिया। पिता ने कई बार बेटी को घर वापस लाने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहे।
यहीं से दोनों परिवारों में दुश्मनी शुरू हुई, जो आगे चलकर खूनी संघर्ष में बदल गई।
भागते हुए छिनी स्कूटी
हत्या के वक्त कार में कमल भूषण का ड्राइवर और एक सहयोगी भी मौजूद थे। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी पास ही की गली में घुसे और रास्ते में राशन दुकानदार नीरज सिंह से स्कूटी छीनकर फरार हो गए। बाद में स्कूटी छोड़कर वे पैदल ही हेसल और चटकपुर की ओर भाग निकले।
बेटे ने बहनोई पर लगाया आरोप
हत्या की सूचना मिलते ही परिवारजन रिम्स अस्पताल पहुंचे। यहां कमल भूषण के बेटे पवन आर्या ने अपने बहनोई राहुल कुजूर पर हत्या का आरोप लगाया। ड्राइवर ने भी इस बात की पुष्टि की थी कि हत्या की साजिश राहुल ने ही रची।
छोटू कुजूर ने ली थी हत्या की जिम्मेदारी
वारदात के बाद कुख्यात अपराधी छोटू कुजूर ने हत्या की जिम्मेदारी ली। छोटू, राहुल के पिता डब्लू कुजूर का भाई है। उसने आरोप लगाया कि कमल भूषण ने पुलिस की मदद से उनके परिवार को परेशान किया था। यही कारण था कि उसने इस हत्या को अंजाम दिया और भूषण के कारोबारी साझेदार को भी सबक सिखाने की धमकी दी।
एक साल बाद अकाउंटेंट की हत्या
कमल भूषण की हत्या के लगभग एक साल बाद अपराधियों ने उनके अकाउंटेंट संजय कुमार सिंह को भी गोलियों से भून डाला। जमीन और कारोबार का पूरा हिसाब देखने वाले संजय पर पांच राउंड फायरिंग हुई, जिसमें तीन गोलियां लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
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