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Pakur (Jaydev Kumar) : सुबह का हल्का धुंधलका, अस्पताल की गली में हलचल। लोग अपने काम के बीच समय निकालकर आए थे… लेकिन कोई भी यह सोचकर नहीं आया कि सिर्फ रक्तदान करना है। सबके चेहरे पर कुछ बड़ा करने की चाह और दूसरों की मदद करने की लगन थी। आदि कर्मयोगी अभियान और प्रोजेक्ट जागृति के तहत बुधवार को जिले के सभी प्रखंडों में रक्तदान शिविर आयोजित किए गए। पुराना सदर अस्पताल, हिरणपुर, लिट्टीपाड़ा, अमड़ापाड़ा, महेशपुर और पाकुड़िया के स्वास्थ्य केंद्रों में कुल 152 लोग अपने खून की एक-एक बूंद से जीवन बचाने की पहल में शामिल हुए।
रक्तदान मानवता की सेवा है : डीसी
डीसी मनीष कुमार ने पुराना सदर अस्पताल में दीप प्रज्वलित कर शिविर का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा- रक्तदान सिर्फ एक चिकित्सा प्रक्रिया नहीं, यह मानवता की सेवा है।”
हर रक्तदाता की कहानी अलग थी। किसी ने अपनी बहन के इलाज के समय रक्तदान करने वाले की याद दिलाई, तो किसी ने अपने समुदाय के लिए जिम्मेदारी निभाने का संकल्प जताया। छोटे बच्चों के लिए एक पिता ने भी अपने काम की जल्दी छोड़कर रक्तदान किया। उन सबकी आंखों में सहानुभूति और जिम्मेदारी का चमक साफ दिख रहा था।
“एक बूंद खून, एक जीवन की उम्मीद”… क्या संदेश दे गये पाकुड़ DC मनीष… देखें
आदि कर्मयोगी अभियान और प्रोजेक्ट जागृति के तहत बुधवार को जिले के सभी प्रखंडों में रक्तदान शिविर आयोजित किया गया pic.twitter.com/3MToLVClnc— News Samvad (@newssamvaad) September 24, 2025
152 लोगों ने दिखाई मानवता की ताकत
जिला और प्रखंड स्तरीय अधिकारी, कर्मचारी और आम नागरिक… सभी ने मिलकर यह संदेश दिया कि समाज के लिए खुद को आगे रखना कोई बड़ा काम नहीं, बल्कि ज़रूरी है। हर बूंद ने किसी की जिंदगी बचाने की उम्मीद जगाई।
एक युवा रक्तदाता ने कहा- “मुझे गर्व है कि मेरी छोटी सी मदद किसी के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है।” इस भावना ने पूरे शिविर को केवल एक आयोजन नहीं बल्कि एक मानवीय यात्रा बना दिया।
मासिक रक्तदान शिविर से बढ़ेगी उम्मीद
उपायुक्त ने घोषणा की कि प्रोजेक्ट जागृति के तहत अब जिले में हर महीने की 24 तारीख को रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे। उनका कहना था- “इस तरह समय पर पर्याप्त रक्त उपलब्ध होगा और किसी की जान बचाई जा सकेगी।”
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