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News Samvad : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिवसीय बैठक सोमवार (29 सितंबर) से शुरू हो चुकी है। बैठक के बाद 1 अक्टूबर को गवर्नर संजय मल्होत्रा रेपो रेट पर फैसले की घोषणा करेंगे। इस बीच बाजार और विशेषज्ञों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या EMI घटने वाली है या ब्याज दर जस की तस रहेगी।
फरवरी से अब तक तीन बार हो चुकी है कटौती
महंगाई में गिरावट के चलते आरबीआई फरवरी से अब तक तीन बार में कुल 1% रेपो रेट घटा चुका है। हालांकि, अगस्त की समीक्षा बैठक में दरों को बिना बदलाव के रखा गया था। अब सवाल यह है कि क्या इस बार उपभोक्ताओं को फिर राहत मिलेगी।
SBI का अनुमान – 0.25% कटौती संभव
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की एक ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि मौजूदा हालात को देखते हुए रेपो रेट में 0.25% की कटौती तर्कसंगत होगी। बैंक का मानना है कि आने वाले वित्त वर्ष में भी महंगाई का दबाव ज्यादा नहीं रहेगा, इसलिए ब्याज दर कम करना सही कदम होगा।
एक्सपर्ट्स में बंटा हुआ मत
बैंक ऑफ बड़ौदा के चीफ इकोनॉमिस्ट मदन सबनवीस का कहना है कि इस बार रेपो रेट में बदलाव की संभावना कम है। वहीं, इक्रा की चीफ इकोनॉमिस्ट अदिति नायर ने भी यथास्थिति बनाए रखने के संकेत दिए हैं। दूसरी ओर, क्रिसिल के धर्मकीर्ति जोशी का मानना है कि महंगाई अपेक्षा से कम रही है, इसलिए रेपो रेट घट सकता है।
जियो-पॉलिटिकल टेंशन का भी असर
विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा वैश्विक परिदृश्य, खासकर अमेरिका द्वारा भारतीय निर्यात पर 50% शुल्क लगाने और जियो-पॉलिटिकल तनाव के चलते RBI का फैसला बेहद अहम होगा।
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