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Ranchi : रांची जिले के चान्हो थाना क्षेत्र से एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने रिश्तों की मर्यादा को तार-तार कर दिया। उत्तर प्रदेश के वाराणसी निवासी रामबली यादव की गुमशुदगी का मामला आखिरकार हत्या में तब्दील हो गया। महीनों से पिता से संपर्क न होने पर बेटे राहुल यादव ने जब पुलिस का दरवाजा खटखटाया, तो जो कहानी खुली, उसने सबको सन्न कर दिया। राहुल ने बताया कि उसकी सौतेली मां चम्पा देवी उर्फ चम्पा उरांव ने फोन पर कहा था कि वह और रामबली केरल काम करने जा रहे हैं। लेकिन जब राहुल गांव पहुंचा, तो घर बंद मिला… और वहीं से शुरू हुआ शक का सिलसिला।चम्पा देवी चान्हो के बढैया गांव की रहने वाली है।
जमीन के पैसों ने ले ली जान
पुलिस जांच में सामने आया कि चम्पा देवी को अपने पति पर शक था। रामबली यादव ने जमीन बेचने के बाद मिले पैसे चम्पा को न देकर अपनी पहली पत्नी और उसके परिजनों को भेज दिए थे। बस, यही बना उसकी मौत का कारण। गुस्से में अंधी चम्पा देवी ने अपने भतीजे विष्णु उरांव और कुछ अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर रामबली की हत्या की साजिश रची। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि रामबली को गोली मारकर हत्या की गई।
कुएं में फेंका शव, जेसीबी से भरवाया गुनाह का सबूत
हत्या के बाद अपराधियों ने शव को चम्पा देवी के खेत में बने कुएं में फेंक दिया। ताकि कोई सुराग न मिले, जेसीबी मंगाकर कुएं को मिट्टी से भरवा दिया गया। लेकिन पुलिस की चौकसी से अपराधी बच नहीं पाए। चान्हो थाना प्रभारी के नेतृत्व में टीम ने चम्पा देवी की निशानदेही पर शव बरामद किया और पोस्टमार्टम के लिए रिम्स, रांची भेज दिया।
48 घंटे में खुला राज, छह गिरफ्त में
पुलिस ने सिर्फ 48 घंटे में केस सुलझा लिया। मुख्य आरोपी चम्पा देवी उर्फ चम्पा उरांव, उसके भतीजे विष्णु उरांव, विकास उरांव और आशिष कुमार को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, दो नाबालिग लड़कों को डिटेन किया गया है। पुलिस ने एक देशी पिस्तौल, तीन जिंदा गोलियां और दो बाइक भी बरामद की हैं।
ईंट भट्टा में काम करने के दौरान हुई थी पहचान
रांची के रुरल एसपी प्रवीण पुष्कर ने खुलासा किया कि करीब 12 साल पहले रांची की रहने वाली चम्पा उरांव बनारस के एक ईंट भट्टे में काम करने चली गी थी। वहीं पर उसकी मुलाकात रामबली यादव से हुई। दोनों के बीच देह से देह का रिश्ता भी बन गया। इसके बाद चम्पा ने दबाव बनाया और रामबली यादव को अपने साथ रांची ले आई। रांची में रामबली यादव जमीन का कारोबार करने लगा। वह जमीन के खीब-बिक्री के पैसे अपनी पहली पत्नी और घरवालों को भी भेजता था। कुछ महीनों पहले भी रामबली यादव ने जमीन का सौदा किया था। इस सौदे से जो पैसे मिले, उसमें से अधिकतर उसने अपनी पहली पत्नी को भेज दिया। वहीं, चम्पा देवी के हिस्से में थोड़े पैसे आये। इसी बात से नाराज होकर चम्पा देवी ने रामबली यादव को अपने रास्ते से हटाने का खतरनाक इरादा बना लिया। उसे अपने दो भतीजों से मदद ली। दो शूटरों को हायर किया गया। रामबली यादव की सासों का सौदा महज 30 हजार रुपये में कर दिया गया। 20 हजार रुपये बतौर एडवांस दिये गये। वहीं, दस हजार रुपये काम होने के बाद देने की बात कही गयी थी। तय प्लानिंग के अनुसार रामबली यादव की हत्या तीन गोली मारकर की गयी और फिर उसकी बॉडी को कुएं में फेंक दिया गया। अगले रोज जेसीबी से पूरे कोही भरवा दिया गया। सुनें क्या बता गये एसपी प्रवीण पुष्कर…
पति को मारकर कुएं में फेंका, फिर जेसीबी से भरवाया गुनाह का सबूत, रांची के रुरल SP प्रवीण पुष्कर क्या बता गये… देखें
रामबली यादव हत्याकांड का खुलासा pic.twitter.com/NvJaMbPdHm— News Samvad (@newssamvaad) October 11, 2025
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