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New Delhi : युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि अहमदाबाद को 2030 शताब्दी राष्ट्रमंडल खेलों की मेज़बानी के लिए प्रस्तावित शहर के रूप में चुना जाना भारत के खेल इतिहास का ऐतिहासिक क्षण है। उन्होंने इसे देश के लिए गर्व और भविष्य की बड़ी उपलब्धि बताया।
भारत के लिए बड़ी उपलब्धि
डॉ. मांडविया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “2030 राष्ट्रमंडल खेलों के लिए अहमदाबाद को प्रस्तावित मेज़बान शहर बनाने की अनुशंसा के लिए मैं कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स की कार्यकारी बोर्ड का आभारी हूं। यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत की बढ़ती वैश्विक खेल शक्ति को दर्शाता है।”
2036 ओलंपिक सपने को मिलेगा बल
मंत्री ने कहा कि यह फैसला भारत के 2036 ओलंपिक खेलों की मेज़बानी के सपने को भी मजबूती देगा। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार लगातार खेलों को लेकर नीतिगत सुधार, बेहतर अवसंरचना और वित्तीय सहायता पर काम कर रही है।
भारत साबित कर रहा संगठन क्षमता
डॉ. मांडविया ने कहा, “हाल ही में नई दिल्ली में विश्व पैरा एथलेटिक्स चैम्पियनशिप का सफल आयोजन कर भारत ने अपनी संगठन क्षमता साबित की है। पिछले एक दशक में भारत ने खेल विज्ञान, नीतिगत सुधार और अवसंरचना के क्षेत्र में जबरदस्त प्रगति की है। हम तेजी से ‘चैंपियनों का देश’ बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।”
भारत का प्रदर्शन शानदार
मांडविया ने कहा कि भारत ने हमेशा राष्ट्रमंडल खेलों में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। अहमदाबाद की सिफारिश भारत के बढ़ते खेल प्रभाव की पुष्टि करती है।
अंतिम मंजूरी नवंबर 2025 में
गौरतलब है कि कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स की कार्यकारी बोर्ड ने अहमदाबाद को 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेज़बानी के लिए प्रस्तावित शहर के रूप में अनुशंसित किया है। अब यह प्रस्ताव 26 नवंबर 2025 को होने वाली जनरल असेंबली में अंतिम मंजूरी के लिए रखा जाएगा।
शताब्दी वर्ष में होगा आयोजन
2030 के राष्ट्रमंडल खेल शताब्दी वर्ष में आयोजित होंगे। इसमें 74 सदस्य देश शामिल होंगे और यह आयोजन सहयोग, समावेशिता और खेल उत्कृष्टता का प्रतीक बनेगा। यह भारत को वैश्विक खेल केंद्र बनाने के विज़न को और मज़बूती देगा।

