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Pawan Thakur, Patna
शब्दों की रहस्यमयी दुनिया, अक्षरों का ताना-बाना और दिमागी कसरत के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस बार एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसकी कल्पना शायद ही किसी ने की थी। जब अमेरिका और कनाडा में ‘क्रिप्टिक क्रॉसवर्ड’ के सबसे दिग्गज खिलाड़ी अपनी बुद्धिमत्ता की परीक्षा दे रहे थे, तब इस पूरे वैश्विक महासंग्राम के केंद्र में भारत का ‘बिहार’ राज्य गर्व से चमक रहा था।
प्रतिष्ठित ‘यूएस क्रिप्टिक क्रॉसवर्ड चैंपियनशिप 2026’ (US Triple-C 2026) और ‘कनाडा क्रिप्टिक क्रॉसवर्ड चैंपियनशिप 2026’ (Canada Triple-C 2026) का दो चरणों में हुआ विशाल आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। लेकिन इस बार की सबसे बड़ी और खास खबर केवल विजेताओं के नाम नहीं, बल्कि इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन के पीछे बिहार का वो मजबूत हाथ है, जिसने सात समंदर पार भारत की बौद्धिक और सांस्कृतिक उपस्थिति का परचम लहराया।
बिहार फाउंडेशन और बिहार पर्यटन की ऐतिहासिक पहल
अक्सर खेल और मनोरंजन के बड़े आयोजनों में बड़े कॉरपोरेट घरानों की स्पॉन्सरशिप देखने को मिलती है। लेकिन इस बार EXTRA-C और ‘वर्ल्ड क्रिप्टिक क्रॉसवर्ड फेडरेशन’ (WCWF) द्वारा आयोजित इस ग्लोबल चैंपियनशिप को ‘बिहार फाउंडेशन’ और ‘बिहार पर्यटन विभाग’ ने अपना उदार सहयोग और मुख्य प्रायोजन यानी स्पॉनसरशिप प्रदान किया। यह पहला मौका है जब किसी भारतीय राज्य के पर्यटन विभाग और प्रवासी संगठन ने उत्तर अमेरिका स्तर की इतनी प्रतिष्ठित और कठिन बौद्धिक प्रतियोगिता को इस स्तर पर प्रायोजित किया हो। बौद्धिक विरासत, ज्ञान और गणित-तर्कशास्त्र की प्राचीन भूमि रहे बिहार का इस वैश्विक मंच से जुड़ना दुनिया भर के दिग्गजों के लिए एक बेहद सुखद और गर्व से भर देने वाला अनुभव रहा।
दो कड़े दौर में तय हुआ अमेरिका और कनाडा के ‘क्रॉसकिंग’ का सफर
प्रतियोगिता का स्तर कितना ऊंचा था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें उत्तर अमेरिका के चुनिंदा और सबसे तेज-तर्रार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। क्रिप्टिक क्रॉसवर्ड साधारण शब्द-पहेली नहीं होती; इसमें सीधे सवाल के बजाय इशारों, गूढ़ संकेतों और तार्किक छलावे में जवाब छिपे होते हैं। प्रतियोगियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर कठिन पहेलियों को हल करना था। दो कड़े राउंड्स के बाद जब संयुक्त अंकों और स्कोर कार्ड का गहन सत्यापन किया गया, तो विजेताओं के नामों की घोषणा हुई:
अमेरिका में एरिक अगार्ड का परचम : यूएस ओवरऑल कैटेगरी में एरिक अगार्ड ने अपनी असाधारण क्षमता का परिचय देते हुए ‘ओवरऑल चैंपियन’ का खिताब जीता। उनके बाद डैन श्वार्ट्ज दूसरे, मैथ्यू मार्कस तीसरे, जोशुआ कॉस्मन चौथे, मैरी देजार्डिन्स पांचवें, मैट मैथेसन छठे, जॉर्ज हर्ड सातवें और पैट कजिन्स आठवें स्थान पर रहे।
कनाडा में रूपर्ट मॉरिश बने विजेता : कनाडा कैटेगरी में रूपर्ट मॉरिश का दिमाग सबसे तेज दौड़ा और वे ‘ओवरऑल चैंपियन’ बने। इस सूची में विल नेडिगर दूसरे, डैनियल हॉल तीसरे, नोआह लेवाइन चौथे, अब्दुल खालिद पांचवें, मैथ्यू कोहेन छठे, रेयांश सिन्हा सातवें और बर्नी कुंट्ज़ आठवें स्थान पर रहे।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर बिहार के योगदान की गूंज
आयोजनों के सफल समापन के बाद विश्व स्तर पर आयोजकों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने बिहार की इस पहल की मुक्तकंठ से सराहना की। आयोजकों ने विशेष रूप से WCWF के यूएस चैप्टर के अध्यक्ष मैथ्यू मार्कस और कनाडा चैप्टर के अध्यक्ष लैरी क्लाइन के योगदान की तारीफ की, जिन्होंने इस आयोजन को तकनीकी रूप से विश्वस्तरीय बनाया। इसके साथ ही, आयोजकों ने बिहार फाउंडेशन और बिहार पर्यटन विभाग का दिल से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बिहार के इस दूरदर्शी सहयोग के बिना इस पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन संभव नहीं था। यह साझेदारी यह साबित करती है कि ज्ञान और बौद्धिक खेलों को बढ़ावा देने में भारत और बिहार आज भी दुनिया का नेतृत्व करने में सक्षम हैं।
वैश्विक भाईचारे और बौद्धिक विकास की नई दिशा
इस सफल आयोजन के साथ ही आयोजकों ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि वे आने वाले समय में भी ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंच तैयार करते रहेंगे। उनका लक्ष्य है कि क्रिप्टिक क्रॉसवर्ड जैसे बौद्धिक खेल के जरिए दुनिया के विभिन्न देशों के खिलाड़ियों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सहयोग को और अधिक मजबूत किया जा सके। निश्चित रूप से, यूएस और कनाडा Triple-C 2026 न केवल विजेता खिलाड़ियों की उपलब्धि के लिए याद रखा जाएगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर बिहार की इस ऐतिहासिक और चमकदार उपस्थिति के लिए भी लंबे समय तक जाना जाएगा।
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