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Patna : विधानसभा चुनाव 2025 की दस्तक से पहले जनता दल (यूनाइटेड) में सियासी हलचल तेज हो गई है। पार्टी के प्रदेश सचिव बद्री भगत ने टिकट न मिलने से नाराज होकर 3,875 समर्थकों के साथ इस्तीफा दे दिया। बद्री भगत का कहना है कि “मेहनत हमारी और टिकट उन लोगों को, जो साजिश के जरिए पार्टी में हावी हैं। अब बहुत हो गया!”
टिकट काटे जाने का कारण और नाराजगी
बद्री भगत ने 3 अक्टूबर को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की थी और दावा किया था कि उन्हें करगहर विधानसभा सीट से टिकट मिलेगा। लेकिन कुछ दिन बाद अचानक उनका टिकट काट दिया गया। इस फैसले से नाराज होकर उन्होंने और उनके समर्थकों ने पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया।
पार्टी में संगठन संबंधी आरोप
बद्री भगत ने आरोप लगाया कि पार्टी में अब मेहनती कार्यकर्ताओं की बजाय “साजिश रचने वाले” हावी हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने वर्षों तक बूथ से लेकर ब्लॉक तक संगठन को मजबूत करने का काम किया, मगर टिकट बंटवारे में उनकी अनदेखी की गई।
पूर्व नेताओं के इस्तीफे और चुनावी प्रभाव
इससे पहले जिले के कई वरिष्ठ नेता जैसे पूर्व मंत्री जयकुमार सिंह, पूर्व विधायक अशोक सिंह कुशवाहा और जिलाध्यक्ष अजय सिंह कुशवाहा टिकट न मिलने पर पार्टी छोड़ चुके हैं। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि बार-बार ऐसे इस्तीफे चुनावी समीकरण बिगाड़ सकते हैं। अगर नाराज नेताओं को मनाया नहीं गया, तो NDA को करगहर सहित कई सीटों पर मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
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