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News Samvad : आज यानी 18 अक्तूबर (शनिवार) को पूरे देश में धनतेरस का पर्व उल्लासपूर्वक मनाया जा रहा है। यह दिन कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष त्रयोदशी को मनाया जाता है और दीपावली के पांच दिवसीय त्योहार की शुरुआत का प्रतीक है। माना जाता है कि इस दिन माता लक्ष्मी, भगवान कुबेर और भगवान धन्वंतरि की पूजा करने से धन, स्वास्थ्य और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
इस वर्ष धनतेरस पर ब्रह्म योग और बुधादित्य योग का संयोग बन रहा है, जो आर्थिक प्रगति और भाग्य वृद्धि के लिए अत्यंत शुभ माना गया है।
क्या खरीदना है शुभ – परंपरा और मान्यता
धनतेरस पर केवल पूजा ही नहीं, बल्कि शुभ वस्तुओं की खरीदारी का भी विशेष महत्व है। इस दिन सोना-चांदी के सिक्के, विशेष रूप से लक्ष्मी-कुबेर अंकित सिक्के, घर में धनवृद्धि का प्रतीक होते हैं।
इसके अलावा पीतल, तांबा या स्टील के बर्तन खरीदना शुभ माना गया है। इन्हें घर लाते समय उसमें चावल या जल डालना शुभता को बढ़ाता है।
धनतेरस पर नई झाड़ू खरीदना भी शुभ माना गया है क्योंकि यह घर से नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती है। आधुनिक दौर में लोग इलेक्ट्रॉनिक सामान, वाहन या धातु की नई वस्तुएं भी इस दिन खरीदते हैं, जो उन्नति और समृद्धि का प्रतीक हैं।
किन वस्तुओं की खरीद से बचें
शास्त्रों के अनुसार इस दिन कुछ वस्तुओं की खरीद अशुभ मानी गई है। जैसे कांच की वस्तुएं, एल्यूमिनियम या लोहे के बर्तन, काले रंग की चीजें और नुकीले उपकरण (चाकू, कैंची आदि)। इन्हें दुर्भाग्य और नकारात्मक ऊर्जा से जुड़ा माना गया है।
धनतेरस खरीदारी के शुभ मुहूर्त
प्रथम मुहूर्त: सुबह 8:50 से 10:33 बजे तक
द्वितीय मुहूर्त: 11:43 से 12:28 बजे तक
तृतीय मुहूर्त: शाम 7:16 से रात 8:20 बजे तक
शुभ चौघड़िया मुहूर्त:
शुभ काल: 7:49 – 9:15 बजे
लाभ काल: 1:32 – 2:57 बजे
अमृत काल: 2:57 – 4:23 बजे
चर काल: 12:06 – 1:32 बजे
अस्वीकरण
यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं, पंचांग और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। पाठकों से आग्रह है कि किसी निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।
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