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Ranchi/Samastipur : समस्तीपुर के एक छोटे से गांव की सुबह कुछ अलग थी। गांव वालो को जब पता चला कि डॉक्टरों की टीम उन्हें मुफ्त सेवा देने पहुंची है, तो हर उम्र के चेहरे पर उम्मीद की चमक दिखी। महिलाए अपने बच्चों का हाथ थामे कतार में खड़ी थीं, बुज़ुर्ग छड़ी का सहारा लेकर धीरे-धीरे शिविर की ओर बढ़ रहे थे। यह नजारा किसी उत्सव से कम नहीं था, क्योंकि गांव में पहली बार पहुंचा था मुफ़्त मेडिकल कैंप, जो सिर्फ इलाज नहीं बल्कि स्वास्थ्य की नई सोच लेकर आया था।
एनएमओ महारानी लक्ष्मी बाई योजना की पहल
यह कार्यक्रम एनएमओ महारानी लक्ष्मी बाई योजना झारखंड के तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य था हर घर तक स्वास्थ्य सेवा पहुंचाना। कार्यक्रम का नेतृत्व डॉ धर्मवीर सिंह और डॉ आकांक्षा चौधरी कर रहे थे। दोनों डॉक्टर इस योजना के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने न केवल मरीजों की जांच की बल्कि उन्हें रोजमर्रा के स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की सीख भी दी। छठ महापर्व का पारन करने के बाद नाक पर से सिंदूर लगाये, पारंपरिक वेशभूषा में डॉ आकांक्षा चौधरी ने अपना डॉक्टर कर्तव्य भी निभाया। डॉ आकांक्षा ने मुस्कुराते हुए कहा कि हम चाहते हैं कि गाँव की महिलाएँ और बुज़ुर्ग समय पर जांच कराएं, क्योंकि छोटी लापरवाही बड़ी बीमारी बन सकती है।

200 से अधिक लोगों का हुआ भला
इस एक दिन के शिविर में करीब 200 मरीजों की ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और दंत जांच की गई। कई लोगों को वर्षों से दाँत दर्द या कमजोरी की शिकायत थी, जिन्हें पहली बार किसी विशेषज्ञ ने देखा। शिविर में सामान्य बुखार, मल्टीविटामिन और अन्य दवाइयाँ मुफ़्त में दी गईं। यहां तक कि दांत की सफाई और निष्कासन जैसी सेवाएँ भी मौके पर ही दी गईं। 70 साल की एक बुजुर्ग महिला दांत के दर्द से लंबे समय से परेशान थी, इलाज के बाद बोलीं– अब दर्द नहीं, राहत है… डॉक्टर लोग हमारे गांव आए, इनको तो भगवान भेजे हैं।

गांव के लोग बने साझेदार
कार्यक्रम में ग्राम पंचायत के वरिष्ठ सदस्य अंजनी सिंह, प्रकाश सिंह, जेपी सिंह, कामेश्वर सिंह, सरोज सिंह आदि भी उपस्थित रहे। कैंप को सफल बनाने में गाव के युवा भाई रणधीर सिंह की भूमिका खास रही। उन्होंने न केवल कैंप का प्रचार किया, बल्कि लोगों को यह समझाया कि स्वास्थ्य जांच करवाना शर्म की बात नहीं, ज़रूरत की बात है।
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