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Ranchi/Hazaribagh : पहाड़ों और खेतों के बीच हजारीबाग के बड़कागांव में बसा छोटा सा गाली गांव कभी बेरोजगारी की छाया में घिरा हुआ था। गांव के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर दूर के सपने जैसे लगते थे। लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। अदाणी फाउंडेशन की पहल से इसी गांव के पांच युवाओं को सिंगरौली में सुरक्षा गार्ड की नौकरी मिली है। यह खबर जैसे ही गांव पहुंची, वहां खुशियों की लहर दौड़ गई। आज जब रंजीत भोक्ता, प्रमोद गंझू, मुकेश कुमार, पवन गंझू और चितरंजन गंझू अपने गांव से सिंगरौली की राह पकड़ने वाले हैं, तो उनके चेहरे पर गर्व और भविष्य के सपनों की चमक है।
भगवान ने हमारी सुन ली…
नौकरा पाने वाले लड़कों में शामिल रंजीत भोक्ता की आंखों में उम्मीद की चमक है। वो कहते हैं कि पहले सोचते थे गांव में रहकर क्या करेंगे, अब अदाणी फाउंडेशन ने हमें मौका दिया है। अब हम अपने परिवार के लिए कुछ कर पाएंगे। इसी तरह प्रमोद गंझू की मां ने भावुक होकर कहा कि हमारे बेटे के हाथ में नौकरी की चिट्ठी देखकर लग रहा है कि भगवान ने हमारी सुन ली।
पारदर्शी चयन बना भरोसे का पुल
9 सितंबर को आयोजित रोजगार मेले में इन युवाओं ने अपने बायोडेटा जमा किए थे। कुछ दिनों बाद फाउंडेशन ने पारदर्शी प्रक्रिया के बाद चयन सूची जारी की। परियोजना प्रमुख पुंडरीक मिश्रा ने अपने हाथों से नियुक्ति पत्र सौंपे। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि स्थानीय युवाओं को कौशल और रोजगार देकर आत्मनिर्भर बनाया जाए।

केवल नौकरी नहीं, सुरक्षित भविष्य भी
चयनित युवाओं को सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि सम्मानजनक जीवन का अवसर मिला है। सिंगरौली में उन्हें वेतन के साथ EPF, वार्षिक मेडिकल जांच, सस्ते दर पर भोजन, रहने को घर और इंसेंटिव जैसी सुविधाएं मिलेंगी। इन सुविधाओं से उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति भी सुधरेगी।
गांव का भला करता रहता है अदाणी फाउंडेशन
अदाणी फाउंडेशन लंबे समय से बड़कागांव क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण की दिशा में कार्य कर रहा है। फ्री एम्बुलेंस सेवा, टीबी मरीजों को पोषण किट, नेत्र जांच शिविर और छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं ने स्थानीय लोगों के जीवन में स्थायी बदलाव लाया है।

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