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Pakur (Jaydev Kumar) : झारखंड के गठन को 25 साल पूरे हो रहे हैं। ये सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि एक इतिहास है उन संघर्षों, उम्मीदों और सपनों की यात्रा जो 2000 में एक नए राज्य के रूप में शुरू हुई थी। इसी गर्व को महसूस करने और साझा करने के लिए पाकुड़ जिला प्रशासन ने इस बार झारखंड स्थापना दिवस को एक उत्सव के रूप में मनाने की तैयारी की है। “रन फॉर झारखंड” से कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। 11 नवंबर की सुबह जब सूरज की पहली किरणें सिद्धू कान्हू मुर्मू पार्क पर पड़ेंगी, तो वहां से शुरू होगी एक ऐसी दौड़ जो सिर्फ मंज़िल तक नहीं, दिलों को भी जोड़ने निकलेगी।
हर कदम में राज्य की पहचान
इस रन में बच्चे होंगे, जिनके हाथों में झारखंड का झंडा लहराएगा। स्कूल की यूनिफॉर्म में छात्राएं, ऑफिस छोड़कर दौड़ने आए अधिकारी, और आम नागरिक सभी अपने-अपने ढंग से राज्य की एकता का संदेश देंगे। यह दृश्य अपने आप में झारखंड की असली तस्वीर दिखाएगा: विविधता में एकता, मेहनत में गर्व और भविष्य में विश्वास। डीसी मनीष कुमार कहते हैं, “यह सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं है। यह इस बात का प्रतीक है कि झारखंड अब आत्मविश्वास से भरा युवा राज्य बन चुका है। हम सब एक साथ आगे बढ़ रहे हैं।”
यादों से भविष्य की ओर
सिद्धू-कान्हू की धरती पर यह आयोजन खास मायने रखता है। जिन वीरों ने अपनी भूमि और अधिकारों के लिए संघर्ष किया, उनकी यादें आज भी लोगों के दिलों में ज़िंदा हैं। इस दौड़ के रास्ते में पड़ने वाले हर कदम, उन संघर्षों को सम्मान देने जैसा होगा। यह उत्सव सिर्फ प्रशासन का नहीं, बल्कि पूरे जिले का है। दुकानदारों से लेकर स्कूल के शिक्षक तक, हर कोई किसी न किसी रूप में शामिल हो रहा है। कोई प्रतिभागियों के लिए पानी की व्यवस्था कर रहा है, तो कोई झंडे बना रहा है।
एक दौड़, जो जोड़े दिलों को
रन के दौरान जब बच्चे “झारखंड जय हो” के नारे लगाएंगे, तो वह आवाज़ सिर्फ पाकुड़ में नहीं गूंजेगी, बल्कि हर उस दिल में गूंजेगी जो इस मिट्टी से जुड़ा है। यह आयोजन बताता है कि राज्य की असली ताकत उसके लोग हैं जो सपने देखते हैं, मेहनत करते हैं और अपने झारखंड को आगे बढ़ता देख गर्व महसूस करते हैं।
भविष्य की ओर आशा भरी दौड़
झारखंड आज 25 साल का हो गया है। युवा, ऊर्जावान और नई संभावनाओं से भरा। आने वाले वर्षों में यही ऊर्जा राज्य के विकास की दिशा तय करेगी। “रन फॉर झारखंड” इस बात का प्रतीक है कि हम सब मिलकर एक बेहतर, मजबूत और गर्वित झारखंड की ओर बढ़ रहे हैं।
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