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Chatra : पीएवी रहम के विक्रम कुमार कभी सोच भी नहीं सकते थे कि एक छोटी सी मदद उनकी जिंदगी की दिशा बदल देगी। घर की माली हालत बहुत बढ़िया नहीं थी। पढ़ाई आगे बढ़ाने की चाह थी, लेकिन रास्ता साफ नहीं दिखता था। परिवार उम्मीद में था कि कभी न कभी कोई मौका मिल जाएगा। यह मौका तब आया, जब एनटीपीसी नॉर्थ करणपुरा (NKSTPP) फरिश्ता बनकर आया और शिक्षा सहायता का हाथ बढ़ाया।
किताबों से दूर होने की कगार पर था विक्रम
विक्रम की आंखों में हमेशा एक ही सपना था कि वह किसी तकनीकी क्षेत्र में पहचान बनाए। लेकिन कॉलेज के बाद आगे की पढ़ाई के लिए जरूरी खर्च उनके लिए बड़ी चुनौती थी। कई बार उन्हें लगा कि शायद नौकरी की तलाश में ही जुट जाना बेहतर होगा, लेकिन मन नहीं मानता था। वह कुछ ऐसा करना चाहते थे, जिससे परिवार की जिम्मेदारी भी संभालें और खुद को भी मजबूत बनाएं।
NKSTPP की मदद ने बदली राह
इसी दौरान एनटीपीसी नॉर्थ करणपुरा (NKSTPP) द्वारा चलाए जा रहे कौशल विकास और शिक्षा सहायता कार्यक्रम की जानकारी मिली। आवेदन किया और चयन भी हो गया। संस्था ने उन्हें सेफ्टी डिप्लोमा कोर्स के लिए आर्थिक सहायता दी। विक्रम के मुताबिक, यही वह पल था जिसने उनके जीवन में उम्मीद फिर से जगा दी।
कड़ी मेहनत और पढ़ाई का मिला फल
कोर्स आसान नहीं था। कई बार उन्हें लगा कि शायद वे इसे पूरा नहीं कर पाएंगे, लेकिन हर बार परिवार और गांव के लोगों की उम्मीद उन्हें आगे बढ़ाती रही। आखिरकार विक्रम ने सफलतापूर्वक सेफ्टी डिप्लोमा पूरा कर लिया। पढ़ाई खत्म होते ही उन्हें यूषा मार्टिन लिमिटेड के सेफ्टी विभाग में नौकरी भी मिल गई।
नौकरी मिलने के बाद घर में लौटी खुशी
विक्रम की नौकरी लगने की खबर सुनते ही परिवार में खुशी का माहौल बन गया। मां की आंखों में आंसू थे। पिता गर्व से भरे थे। गांव के लोग उन्हें बधाई दे रहे थे। सभी का कहना था कि विक्रम की मेहनत के साथ-साथ NKSTPP की मदद ने उन्हें आगे बढ़ने का रास्ता दिया।
आसपास के युवाओं में भी जगी उम्मीद
विक्रम की सफलता ने आसपास के युवाओं में भी उम्मीद जगाई है। अब वे भी कौशल विकास और शिक्षा कार्यक्रमों के महत्व को समझ रहे हैं। कई युवा इसी तरह के कोर्स में दाखिला लेने की तैयारी कर रहे हैं। यह बदलाव दिखाता है कि एक सही कदम पूरे समुदाय को नई दिशा दे सकता है।
NKSTPP की पहल ने दिया नया संदेश
संस्था का मकसद सिर्फ परियोजना संचालन तक सीमित नहीं है। वह आसपास के गांवों में शिक्षा, रोजगार और विकास के अवसर बढ़ाने की कोशिश कर रही है। विक्रम की कहानी इसका जीवंत उदाहरण है। इसने साबित किया है कि सही सहयोग मिलने पर आम घरों के बच्चे भी बड़ा मुकाम हासिल कर सकते हैं। विक्रम आज नौकरी पर जाने के लिए तैयार होते समय यही कहते हैं, “अगर यह मदद नहीं मिलती, तो शायद मैं आज इस जगह तक नहीं पहुंच पाता। अब मैं चाहता हूं कि गांव का हर बच्चा आगे बढ़े।”
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